पाकिस्तान को लगा 17 साल का सबसे बड़ा झटका! सोमवार को हो सकता है बड़ा ऐलान

पाकिस्तान की इस हालत को देखकर कई अर्थशास्त्री साल 2008 की मंदी की तुलना इस मौजूदा समय से करने लगे है. उनका मानना है कि अगले कुछ महीनों में महंगाई 10 फीसदी के पार पहुंच सकती है.

News18Hindi
Updated: May 18, 2019, 2:22 PM IST
पाकिस्तान को लगा 17 साल का सबसे बड़ा झटका! सोमवार को हो सकता है बड़ा ऐलान
पाकिस्तान को लगा 17 साल का सबसे बड़ा झटका! सोमवार को हो सकता हैं बड़ा ऐलान
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Updated: May 18, 2019, 2:22 PM IST
पाकिस्तान में आम लोगों को एक ओर तो महंगाई परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर रुपये में आई गिरावट से शेयर बाजार में लगे पैसे पर भी भारी नुकासान उठाना पड़ रहा है. पाकिस्तान की इस हालत को देखकर कई अर्थशास्त्री साल 2008 की मंदी की तुलना इस मौजूदा समय से करने लगे हैं. उनका मानना है कि अगले कुछ महीनों में महंगाई 10 फीसदी के पार पहुंच सकती है. हालांकि, सोमवार को पाकिस्तान का सेंट्रल बैंक आर्थिक हालात को लेकर बड़े कदम उठाने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि ब्याज दरों को फैसला होगा. साथ ही, रुपये को संभालने के लिए कई और बड़े फैसले हो सकते हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान के शेयर बाजार में 17 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है. वहीं, सिर्फ दो दिन में पाकिस्तान का रुपया एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 रुपये तक कमजोर हो गया है.

सोमवार को होगा बड़ा ऐलान- पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, सेंट्रल बैंक सोमवार को ब्याज दरों पर फैसला लेगा. पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा गया है कि 10 मई को समाप्त हुए सप्ताह में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 13.80 अरब करोड़ डॉलर घटकर 8.846 अरब डॉलर बचा है. इस रकम से पाकिस्तान तीन महीने से भी कम की जरूरी सामान खरीदा जा सकता है. (ये भी पढ़ें-पाकिस्तानी रुपये की गिरावट से मचा हाहाकार, डूब गए करोड़ों रुपये)



सबसे बुरे हाल में हैं पाकिस्तान का रुपया- पाकिस्तानी रुपये का भाव पिछले एक साल में 20 फीसदी से ज्यादा घट चुका है और यह डॉलर के मुकाबले एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गई है. आपको बता दें कि कमजोर होती मुद्रा से देश में महंगाई को बढ़ावा मिलता है. अभी पाकिस्तान 8 फीसदी की महंगाई दर का सामना कर रहा है. वहां बिजली के साथ-साथ पेट्रोल-डीजल, गैस जैसे ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं.



निवेशकों को नहीं आ रहा है कुछ भी समझ- पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने राहत पैकेज के लिए आईएमएफ की कौन-कौन सी शर्तें मानी, इसकी अटकलें निवेशकों की चिंताएं बढ़ा रही है.

खजाने को बचाने के लिए उठाया ये कदम- पाकिस्तानी सरकार ने गिरते रुपये को थामने के लिए एक समिति गठित की है. सरकार शायद पर्यटन के लिए विदेश जा रहे पाकिस्तानियों को सीमित मात्रा में डॉलर देने का फैसला ले सकती है. कहा जा रहा है कि यह रकम 10,000 डॉलर से घटाकर 3,000 डॉलर की जा सकती है. इस फैसले से पाकिस्तान के खजाने में एक साल में 2 अरब डॉलर ज्यादा बच पाएंगे. (ये भी पढ़ें-JP की सरकार नहीं बनी तो निफ्टी में हो सकती है बड़ी गिरावट: रिपोर्ट)

आखिर हुआ क्या है पाकिस्तान में....
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(1) गंभीर आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान को पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से छह अरब डॉलर का बेल आउट पैकेज मिला. लेकिन यह कर्ज़ पाकिस्तान को तीन साल के दौरान मिलेगा. इससे लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के आधारभूत ढांचे और क़र्ज़ की देनदारी में सुधार की उम्मीदों को लेकर चिंताएं अभी भी कायम है. इसीलिए शेयर बाजार और रुपये में बिकवाली है.

(2) पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के लिए इस समझौते की शर्तें बेहद चिंताजनक है. स्थानीय मीडिया में अभी से आलोचना शुरू हो गई है. पाकिस्तानी अखबारों के मुताबिक, आईएमएफ़ ने लाखों लोगों पर जो कमरतोड़ आर्थिक बोझ डाला है उसके परिणाम जल्द सामने आएंगे. आईएमएफ़ की शर्तें लागू करने से आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ जाएगा.

(3) अर्थशास्त्री मानते हैं कि मौजूदा समय में पाकिस्तान महंगाई की मार को झेल रहा है. ऐसे में बढ़ती बेरोज़गारी के बीच इस बेलआउट पैकेज से ईंधन पर टैक्स बढ़ेगा, बिजली महंगी होगी और पाकिस्तानी रुपये में और गिरावट आएगी.

 
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