एसी-एलईडी लाइट के लिए पीएलआई स्कीम के गाइडलाइंस जारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

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पीएलआई स्कीम (PLI Scheme) के जरिए सरकार का इरादा घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने का है.

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नई दिल्ली. एसी और एलईडी लाइट के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई (Production Linked Incentives) योजना में परियोजना को लेकर जमीन और इमारत में निवेश शामिल नहीं होगा. इस आधार पर कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए कंपनी की पात्रता पर विचार नहीं किया जाएगा.

यह डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड यानी डीपीआईआईटी (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) द्वारा शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक सामान (केवल एयर कंडीशन और एलईडी लाइट) के लिए पीएलआई योजना को लेकर जारी गाइडलाइंस का हिस्सा है.

योजना का लाभ उठाने के लिए केवल पात्र आवेदक ही आवेदन कर सकते हैं. गाइडलाइंस पात्रता निर्धारित करने के लिए निवेश मानदंड निर्धारित करता है. इसमें कहा गया है कि योजना के तहत लाभ के लिए पात्रता उत्पादों की बिक्री में शुद्ध वृद्धि सीमा पर निर्भर करेगा और इसके लिये आधार वर्ष 2019-20 रखा गया है.

गाइडलाइंस के अनुसार, ''प्रोजेक्ट या यूनिट के लिए आवश्यक भूमि और भवन (कारखाना भवन या निर्माण सहित) में निवेश योजना के दायरे में नहीं आएगा और इसलिए योजना के तहत पात्रता निर्धारित करने के लिए उस पर विचार नहीं किया जाएगा.''
इसके अलावा, उपभोग योग्य सामग्रियों और मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रयुक्त कच्चे माल पर खर्च को निवेश के रूप में नहीं माना जाएगा. गाइडलाइंस में कहा गया है, ''संबंधित उत्पादों के निर्माण के लिए किसी भी पुराने/प्रयुक्त नवीनीकृत प्लांट, मशीनरी या उपकरण का उपयोग नहीं किया जाएगा.''

आवेदन के लिए 15 जून से 15 सितंबर 2021 तक आवेदन किए जा सकेंगे. सरकार इस योजना में 2021-22 से 2028-29 के बीच लागू की जाएगी. इसके लिए 6,238 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

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