OROP के 5 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने दी बधाई, 20.6 लाख पूर्व सैनिकों को दिए 42,700 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने OROP के लागू होने के पांच साल पूरे होने पर सशस्त्र बलों के पूर्व कर्मियों को बधाई दी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने OROP के लागू होने के पांच साल पूरे होने पर सशस्त्र बलों के पूर्व कर्मियों को बधाई दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने केंद्र की एनडीए सरकार के ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (OROP) योजना लागू करने के निर्णय के पांच साल पूरे होने पर सशस्त्र बलों (Armed forces) के पूर्व कर्मियों को बधाई दी. साथ ही कहा कि यह योजना हमारे सैनिकों की बेहतरी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 7, 2020, 5:26 PM IST
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने केंद्र सरकार की ओर से 'वन रैंक, वन पेंशन' (OROP) योजना लागू करने के निर्णय के पांच साल पूरे होने पर सशस्त्र बलों (Armed Forces) के पूर्व कर्मियों को बधाई दी. उन्‍होंने कहा कि यह योजना हमारे पूर्व सैनिकों की बेहतरी की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘ओआरओपी के पांच वर्ष पूरे होना महत्वपूर्ण अवसर है. भारत दशकों से ओआरओपी का इंतजार कर रहा था. ऐसे मेंं भारत ने वीरतापूर्वक देश की रक्षा करने वाले अपने महान सैनिकों की बेहतरी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया. मैं उल्लेखनीय सेवा के लिए पूर्व सैनिकों को सलाम करता हूं.’ मोदी ने रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry) की ओर से जारी निर्णय के अहम बिंदुओं को भी पोस्ट किया.

20 लाख से ज्यादा सशस्त्र बल के पेंशनरों को हुआ फायदा
पीएम मोदी के ट्वीट के अनुसार, वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत रक्षा बलों के 20,60,220 पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों को बकाया 10,795.4 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं. ओआरओपी योजना में सालाना रिकरिंग एक्‍‍‍सपेंसस करीब 7123.38 करोड़ रुपये का है और 1 जुलाई, 2014 से शुरू होकर करीब छह साल के लिए है. इस तरह कुल रिकरिंग एक्‍‍‍सपेंसस लगभग 42740.28 करोड़ रुपये का है.





45 साल से सैन्यकर्मी कर रहे थे OROP की मांग
केंद्र की बीजेपी सरकार ने 2014 में सत्ता में आते ही रिटायर्ड सैनिकों के लिए वन रैंक, वन पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की थी. वन रैंक-वन पेंशन योजना के तहत सुनिश्चित किया गया कि अलग-अलग समय पर रिटायर हुए एक ही रैंक के दो सैनिकों की पेंशन राशि में बड़ा अंतर नहीं होगा. पूर्व सैन्यकर्मी करीब 45 साल से ओआरओपी लागू किए जाने के लिए आंदोलन कर रहे थे. बता दें कि योजना के दायरे में 30 जून, 2014 तक सेवानिवृत्त हुए सैन्यबल के कर्मी आते हैं. ओआरओपी लाभार्थियों को 2.57 के मल्टीप्लिकेशन फैक्टर से पेंशन की गणना करते समय सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पेंशन के निर्धारण का लाभ भी मिला है.
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