पीएम जनधन योजना के तहत खुले 40 करोड़ बैंक अकाउंट, खाताधारकों ने जमा किए 30,547 करोड़ रुपये

पीएम जनधन योजना के तहत खुले 40 करोड़ बैंक अकाउंट, खाताधारकों ने जमा किए 30,547 करोड़ रुपये
इस अकाउंट के जरिए लॉकडाउन के दौरान ऐलान किए गए योजनाओं का भी लाभ मिला.

अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किए गए पीएम जनधन योजना (PMJDY) के तहत अब तक 40 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खोले जा चुके हैं, जिनमें करीब खाताधारकों ने 30,547.55 करोड़ रुपये किया. सरकारी राहत देने में भी इस योजना से मदद मिली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2020, 10:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत सरकारी बैंकों ने 40 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोल दिया है. केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 40.05 करोड़ लोगों के जनधन बैंक खाते (Total Jan Dhan Account) खोले जा चुके है. इन बैंक खातों में खाताधारकों ने करीब 30,547.55 करोड रुपये से अधिक धन जमा किया है. वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) ने एक ट्विट कर जानकारी दी है कि दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशी कार्यक्रम PMJDY के तहत एक और महत्त्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है. और इस योजना के तहत खोले गये बैंक खातों की संख्या 40 करोड़ से अधिक हो गई है.

कोविड 19 संकट में जरुरतमंदों को मदद करने में आसनी
कोविड 19 वैश्विक महामारी की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों और गरीबों को हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस संकट से अर्थव्यवस्था और लोगों को उबारने के लिए करीब 21 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज (Fiscal Stimulus Package) की घोषणा की थी. जिसमें से 1.7 लाख करोड़ रुपये गरीबों, महिलाओं, नौकरी पेशावालों और जरूरतमंदों के लिए व्यवस्था की गई. महिला जनधन खाताधारकों को सरकार ने 500 रुपये प्रति माह सहायता राशि पहुंचाई गई. उज्जवला योजना के तहत भी लाभार्थियों को पैसे ट्रांसफर किये गये. मनरेगा का पैसा भी जनधन खाते में ही डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है.

यह भी पढ़ें: पराठा के बाद अब 'कोरोना करी' और 'मास्क नान' की एंट्री, चाव से खा रहे लोग
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खाताधारकों को मिलते है ये फायदे


इस योजना के तहत खोले जाने वाले खाते बचत खाते होते है. इन खातों में खाताधारकों को न्यूनतम राशि बनाये रखने की जरूरत नहीं होती है. खाताधारकों को रुपे कार्ड (RuPay Card) और ओवरड्राफ्ट (Overdraft Facility) की सुविधा मिलती है. इस योजना के तहत खोले गये बैंक खाता धारक 10 हजार रुपये तक ओवर ड्राफ्ट की सुविधा ले सकते है. केंद्र सरकार ने अगस्त 2018 के बाद खोले जाने वाले जनधन खाताधारकों की दुर्घटना बीमा राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी थी. विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर होता है.

सत्ता में आने के बाद पहली बार 15 अगस्त 2014 को लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के गांव-शहर के हर घर के लोगों को बैंकिंग सेवा से जोड़ने का सपना दिखाया था. उसके बाद 28 अगस्त 2014 को पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना को लांच किया था. मकसद साफ था कि देश में वैसे लोग जो आजादी के 67 साल बाद भी बैंकिंग सेवा से महरुम रह गये है उन्हें जोड़ना.

यह भी पढ़ें: जल्द रेल पटरियों पर चलती दिख सकती है आपको साइकिल, जानिए क्यों Track पर उतरेगी

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास था इस योजना को सफल बनाने का जिम्मा
साल 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद वित्त मंत्रालय का भार अरुण जेटली (Arun Jaitley) को दिया गया था. अरुण जेटली और वित्त मंत्रालय की उनकी टीम ने इस योजना को सफल बनाने में जी-तोड़ मेहनत की. और आज जब देश के वित्त मंत्रालय का जिम्मा निर्मला सीतारमण संभाल रही है तो जनधन खाताधारकों की संख्या 40 करोड़ के पार कर गई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज