अगर फर्जीवाड़ा कर ली है PM-KISAN की किस्‍त तो हो जाएं अलर्ट! सरकार वसूलेगी पाई-पाई, भेजे रिकवरी नोटिस

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फायदा उठाने वाले अपात्र किसानों को केंद्र ने रिकवरी नोटिस भेज दिया है.

केंद्र सरकार पीएम किसान (PM KISAN) के तहत देशभर के किसानों को हर साल तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये ट्रांसफर करती है. फर्जीवाड़ा कर योजना का फायदा लेने वाले अपात्र किसानों की सबसे ज्‍यादा संख्‍या असम (Assam) में पाई गई है. इस पूर्वोत्‍तर राज्‍य में 8.35 लाख अपात्र किसानों ने योजना का फायदा लिया है.

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    नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि (PM-KISAN) के गलत इस्‍तेमाल को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है. फंड को गलत हाथों में जाने से रोकने के लिए साल में तीन बार जारी होने वाली 2000 रुपये की किस्‍त सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT) करती है. इसके बावजूद लाखों की संख्‍या में लोगों ने फर्जीवाड़ा करके पीएम किसान की किस्‍त ले ली. अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) ने ऐसे 42 लाख से ज्‍यादा अपात्र किसानों (Ineligible Farmers) को करीब 3000 करोड़ रुपये की वूसली का नोटिस भेजा है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने संसद में बताया कि 42.16 लाख अपात्र किसानों ने फर्जीवाड़ा कर योजना के तहत खुद को रजिस्‍टर करा लिया. अब उनसे 15 जुलाई 2021 तक पहुंचे 2,992.75 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी.

    असम में पाए गए सबसे ज्‍यादा अपात्र किसान
    केंद्र सरकार पीएम किसान के तहत देशभर के किसानों को हर साल तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये ट्रांसफर करती है. ऐसे किसानों की सबसे ज्‍यादा संख्‍या असम (Assam) में पाई गई है. इस पूर्वोत्‍तर राज्‍य में 8.35 लाख अपात्र किसानों ने योजना का फायदा लिया है. इसके बाद तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 7.22 लाख, पंजाब (Punjab) में 5.62 लाख, महाराष्ट्र (Maharashtra) में 4.45 लाख, उत्तर प्रदेश (UP) में 2.65 लाख और गुजरात (Gujarat) में 2.36 लाख किसानों ने फर्जीवाड़ा कर पीएम किसान योजना का फायदा लिया है. सरकार असम से 554 करोड़ रुपये, पंजाब से 437 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र से 358 करोड़ रुपये, तमिलनाडु से 340 करोड़ रुपये, यूपी से 258 करोड़ रुपये और गुजरात से 220 करोड़ रुपये की वसूली करेगी.

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    ऐसे पकड़ में आया अपात्र किसानों का फर्जीवाड़ा
    केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि पीएम किसान योजना में आधार (Aadhaar), सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली और इनकम टैक्स डाटाबेस (Income Tax Database) के जरिये लाभार्थियों के डाटा का समय-समय पर सत्यापन किया जाता है. इसमें कोई गलती पाए जाने पर उसे सुधारने के लिए कदम उठाए जाते हैं. सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान पाया गया कि योजना का लाभ कुछ अपात्र लाभार्थियों को मिला, जिसमें कुछ आयकरदाता किसान (Taxpayer Farmers) भी थे. सरकार का उद्देश्य योजना का फायदा वास्तविक किसानों को पहुंचाना है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना के अपात्र किसानों को पैसे की वसूली करने के लिए नोटिस (Recovery Notice) भी भेजा है.

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