क्या इस वजह से 5.88 करोड़ किसानों के खाते में नहीं आए PM-किसान योजना के 6000 रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) को एक साल पूरा हो चुका है. लेकिन देश के 14.5 करोड़ किसानों में से सिर्फ 8.62 करोड़ किसानों ने ही इसका फायदा उठाया है. यानी इन किसानों को ही तीनों किश्त की रकम 6000 रुपये मिली है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) को एक साल पूरा हो चुका है. लेकिन देश के 14.5 करोड़ किसानों में से सिर्फ 8.62 करोड़ किसानों ने ही इसका फायदा उठाया है. यानी इन किसानों को ही तीनों किश्त की रकम 6000 रुपये मिली है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) को एक साल पूरा हो चुका है. लेकिन देश के 14.5 करोड़ किसानों में से सिर्फ 8.62 करोड़ किसानों ने ही इसका फायदा उठाया है. यानी इन किसानों को ही तीनों किश्त की रकम 6000 रुपये मिली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2020, 3:57 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) की किसानों के लिए शुरू की गई सबसे बड़ी स्कीम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) को एक साल पूरा हो चुका है. लेकिन देश के 14.5 करोड़ किसानों में से सिर्फ 8.62 करोड़ किसानों को ही इसका फायदा मिल सका है. इसकी वजह किसान भी हैं और सरकारी सिस्टम भी. इन किसानों को ही तीनों किश्त के 6000 रुपये मिले हैं. किसानों के खाते में रकम नहीं पहुंचने की कई वजहें है. जैसे डॉक्युमेंट में नाम की गड़बड़ी, आधार और बैंक खाते में नाम एक जैसा नहीं होना. हालांकि, कृषि मंत्रालय की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया है कि अगर कोई किसान इस स्कीम के लिए योग्य है तो उसे जरूर 6000 रुपये मिलेंगे. इसीलिए सरकार लगातार रेडियो, टीवी, अखबार और डिजिटल माध्यम से इस स्कीम से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है. आपको बता दें कि इससे जुड़ी समस्या के समाधान के लिए सबसे पहले आपके अपने क्षेत्र के लेखपाल और कृषि अधिकारी से संपर्क करना होगा और उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी. अगर आपकी बात ये लोग नहीं सुनते हैं तो आप इससे जुड़ी हेल्पलाइन पर भी फोन कर सकते हैं.
 कृषि मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल 8,62,51,818 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) का फायदा मिला है. इसमें चौथी किश्त भी शामिल है. जबकि देश में 14.5 करोड़ किसान परिवार हैं.

क्यों खाते में नहीं पहुंची रकम- कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पैसा न मिलने की कुछ वजह हो सकती हैं

(1) आधार और बैंक खाते में किसान का नाम की स्पेलिंग अलग अलग हैं तो भी खाते में पैसा नहीं आएगा.
(2) 10,000 रुपये से अधिक सरकारी पेंशन पाने वालों को भी इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा.अगर ऐसे लोग इस स्कीम के लिए अप्लाई करेंगे तो आधार वेरीफिकेशन से पकड़े जाएंगे.



(3) इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले किसान भी इस स्कीम के लिए अप्लाई नहीं कर सकते हैं. अगर ऐसा करते हैं तो उनके खाते में भी पैसा नहीं आएगा.

(4) आधार- जिनके आधार का वेरिफिकेशन ना हुआ हो तो भी उन्हें पैसा नहीं मिलेगा.

आपको बता दें कि पिछले दिनों सरकार की ओर से जारी कुछ इस तरह के SMS जारी हुए है. (नीचे देखिए)



 

प्रिय आवेदक, आपकी अगस्त से नवंबर 2019 की किश्त को आपके आवेदन एवं आधार (Aadhar) में उपलब्ध नाम में विसंगति होने के कारण वितरित नहीं किया जा सका है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture)  की पीएम-किसान (PM-Kisan) टीम की ओर से गोरखपुर के एक किसानों (Farmers) को उसके मोबाइल पर यह संदेश मिला. इसके साथ ही साफ हो गया कि कागजों में गड़बड़ी की वजह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) की तीसरी किश्त का पैसा बैंक अकाउंट (Bank Account )  में नहीं पहुंचा.

इन लोगों को भी नहीं  मिलेगा इस स्कीम का फायदा


मोदी सरकार ने सभी किसानों के लिए पीएम-किसान स्कीम लागू कर भले ही कर दी है लेकिन कुछ लोगों के लिए तो शर्तें लगाई ही गईं हैं.


जिन लोगों के लिए शर्तें लागू है वो अगर गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं तो आधार वेरीफिकेशन में पता चल जाएगा.


एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को भी लाभ नहीं दिया जाएगा, भले ही वो किसानी भी करते हों. यदि इन्होंने आवेदन किया है तो पैसा नहीं आएगा.


मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को लाभ नहीं मिलेगा. यदि ऐसे लोगों ने लाभ लिया तो आधार अपने आप बता देगा.


पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे लाभ नहीं मिलेगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज