PM Kisan Scheme: पीएम किसान स्कीम के साथ मिलते हैं ये तीन और फायदे, जान लेंगे तो रहेंगे फायदे में

पीएम किसान स्कीम के फायदे

पीएम किसान स्कीम के फायदे

PM Kisan Scheme: केंद्र सरकार की ओर से कुल 7 किस्तें भेजी जा चुकी हैं. अब जल्द ही आपके खाते में 8वीं किस्त भी ट्रांसफर कर दी जाएगी. लेकिन, क्या आपको इस बात की जानकारी है कि इसके तीन और फायदे भी मिल सकते हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 10:05 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi scheme) मोदी सरकार की सबसे बड़ी किसान योजना है. इस योजना से अब तक 11 करोड़ 58 लाख किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं. यह काफी लोकप्रिय स्कीम है. सरकार की ओर से देश के किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. अब तक केंद्र सरकार की ओर से कुल 7 किस्तें भेजी जा चुकी हैं. अब जल्द ही आपके खाते में 8वीं किस्त भी ट्रांसफर कर दी जाएगी. लेकिन, क्या आपको इस बात की जानकारी है कि इसके तीन और फायदे भी मिल सकते हैं...

(1) किसान क्रेडिट कार्ड (KCC kisan credit card)

पीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड को भी जोड़ दिया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि केसीसी बनाने की प्रक्रिया तेज हो. यानी जिसे सरकार 6000 रुपये दे रही है उसे केसीसी बनवाना आसान होगा. इस समय करीब 7 करोड़ किसानों के पास केसीसी है, जबकि सरकार जल्द से जल्द एक करोड़ और लोगों को इसमें शामिल करके उन्हें 4 फीसदी पर 3 लाख रुपये तक का लोन मुहैया करवाना चाहती है.

(2) पीएम किसान मानधन योजना
यदि कोई किसान पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहा है तो उसे पीएम किसान मानधन योजना के लिए कोई दस्तावेज नहीं देना होगा. क्योंकि ऐसे किसान का पूरा दस्तावेज भारत सरकार के पास है. इस योजना के तहत किसान पीएम किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं. इस तरह उसे सीधे अपनी जेब से पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा. 6000 रुपये में से उसका प्रीमियम कट जाएगा.

ये भी पढ़ें: सरकार ने किया बड़ा ऐलान! Ayushman Bharat योजना के लाभार्थियों को फ्री में मिलेगा PVC कार्ड

(3) किसान कार्ड बनाने का है प्लान



मोदी सरकार पीएम किसान स्कीम के आंकड़ों के आधार पर किसानों (Farmers) के लिए यूनिक फार्मर आईडी (Unique farmer ID) बनाने की तैयारी कर रही है. पीएम किसान और राज्यों द्वारा बनाए जा रहे भूमि रिकॉर्ड डेटाबेस से जोड़कर यह पहचान पत्र बनाने का प्लान है. ऐसा होने के बाद खेती किसानी से जुड़ी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज