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बजट में इस ऐलान के बाद अब शुरू करें ये बिजनेस, मोटी कमाई का मौका, सरकार भी करेगी मदद

ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

​केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में ऐलान किया कि कुसुम योजना को आगे भी जारी किया जाएगा. ऐसे ​में किसानों के पास मौका है ​वो इस योजना का लाभ उठाकर मोटी कमाई करें. साथ ही, केंद्र सरकार भी उन्हें इस योजना के लिए मदद करेगी.

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    नई दिल्ली. ​वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को बजट में ऐलान किया कि कुसुम योजना को जारी रखा जाएगा ताकि इसके तहत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप (Solar Pump) मुहैया कराए जाएं. सरकार ने बजट 2020 में यह ऐलान इसलिए किया ताकि किसानों को सिंचाई का खर्च कम हो सके. इसके पहले कुसुम योजना का ऐलान आम बजट 2018-19 में भी किया गया था.मोदी सरकार ने किसान उर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान यानी कुसुम (KUSUM) योजना बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में रख शुरू की थी. सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.

    क्या है कुसुम योजना?
    देश में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. या तो बहुत अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं. केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं. कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांवों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है.



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    वित्त वर्ष 2019 में आवंटित किया गया था 34,442 करोड़ रुपये
    वित्त वर्ष 2018-19 में इस योजना का ऐलान करते वक्त तत्काली वित्त मंत्री ​अरुण जेटली ने इसके लिए 34,422 करोड़ रुपये का ऐलान किया था. इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि इस योजना से किसानों की डीजल (Diesel) और केरोसिन (Kerosene) तेल पर निर्भरता घटी है और वे सौर ऊर्जा से जुड़े हैं.


    25,750 मेगावट की क्षमता करने का लक्ष्य
    प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तीन रूप हैं- पहला 10,000 मेगावाट क्षमता के ग्रिड से जुड़े विकेंद्रीकृत नवीकरणीय बिजली संयंत्र, दूसरा 17.50 लाख ग्रिड सौर बिजली कृषि पंप और तीसरा ग्रिड से जुड़े हुए 10 लाख सौर बिजली कृषि पंपों का सोलराइजेशन. योजना के तहत इन तीनों को मिलाकर 2022 तक कुल 25,750 मेगावाट सौर क्षमता तैयार करने की योजना है. इस योजना के तहत 20 लाख किसानों को ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए रकम मुहैया कराई जाएगी. किसान इन सोलर पंपों से बनने वाली अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दे सकेंगे. इससे उनकी आमदनी का स्रोत भी खुलेगा.



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    सरकार करेगी मदद
    इस योजना के लिए पूरे खर्च को 3 भागों में बांटा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इससे जुड़ सकें. पहले भाग के तहत केंद्र सरकार कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा मोदी सरकार सब्सिडी के तौर पर आपको देगी. वहीं, अन्य 30 फीसदी की रकम आप बैंक से लोन के तौर पर प्राप्त कर सकेंगे. वहीं, 10 फीसदी की रकम आपको खुद लगाना होगा. इस प्रकार पीएम कुसुम योजना का लाभ उठाने के ​लिए किसानों को अपनी जेब से अधिक पैसे नहीं खर्च करने होंगे.

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