रुपये की गिरावट को रोकने के लिए पीएम मोदी उठा सकते हैं ये तीन कदम!

पीएम मोदी ने शुक्रवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और नीति निर्धारण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों से मुलाकात की. सूत्रों की मानें तो यह बैठक शनिवार को भी जारी रहेगी.

News18Hindi
Updated: September 14, 2018, 10:11 PM IST
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Updated: September 14, 2018, 10:11 PM IST
पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली और आर्थिक मामलों के सचिव के साथ मंथन शुरू कर दिया है. इसमें गिरते रुपये और तेल के बढ़ते दाम कम करने का फॉर्मूला निकाला जाएगा.

पीएम मोदी ने शुक्रवार को जेटली, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और नीति निर्धारण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों से मुलाकात की.  सूत्रों की मानें तो यह बैठक शनिवार को भी जारी रहेगी. बैठक में आर्थिक हालात सुधारने के उपायों पर चर्चा की जा रही है. बताया जा रहा है कि बैठक में आरबीआई गवर्नर ने प्रेजेंटेशन भी दिया है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी की ओर से शुरू हुई ट्रेड वॉर और देश के इक्विटी बाजार से विदेशों से निवेश की गई रकम को वापस निकालने से भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है. (ये भी पढ़ें-बाबा रामदेव की पतंजलि के साथ बिज़नेस करने का मौका, ऐसे फ्रेंचाइजी लेकर करें मोटी कमाई)

इस साल की शुरुआत से डॉलर के मुकाबले रुपया अबतक 13 फीसदी टूट चुका है. रुपये में गिरावट की अहम वजह डॉलर की मजबूती है. हालांकि इससे तेल आयात और चालू खाता घाटा पर दबाव बढ़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है.

रुपये की गिरावट रोकने के लिए उठाए जा सकते हैं ये कदम-सीएनबीसी आवाज़ के पॉलिटिकल इकोनॉमिक एडिटर, लक्ष्मण रॉय का कहना है कि शनिवार की बैठक में रुपये की कमजोरी को रोकने के लिए सरकार इन बातों पर विचार कर सकती है. (ये भी पढ़ें-आपकी रूठी किस्मत को संवारने वाले विघ्नहर्ता 8 शेयर, घर बैठे कमाएं मोटा मुनाफा)

(1) ईरान से क्रूड ऑयल की खरीदारी अमेरिकी डॉलर में न होकर भारतीय रुपये में की जाए. ऐसे में डॉलर की डिमांड गिर जाएगी और रुपये को मजबूती मिलेगी.

(2) डॉलर की विंडो को कम करने पर विचार हो सकता है. मतलब साफ है कि सन 2013 में डॉलर की खरीदारी सिर्फ एसबीआई के जरिए की जा सकती थी.
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(3) तीसरे ऑप्शन के तौर पर सरकार एनआरआई के लिए  रुपये के बॉन्ड जारी कर सकती है. ऐसे में एनआरआई डॉलर बेचकर रुपया खरीदेंगे. इससे रुपये को सहारा मिलेगा.

महंगाई के आंकड़े ने दी राहत- क्रूड और रुपये के झटके के बीच मोदी सरकार को महंगाई के मोर्चे पर राहत मिली है. अगस्त में खुदरा और थोक महंगाई दोनों में गिरावट आई है. अगस्त में खुदरा महंगाई 10 माह के निचले स्तर 3.69 फीसदी पर दर्ज की गई. जबकि थोक महंगाई चार महीने के​ निचले स्तर 4.53 फीसदी पर आ गई.

CAD पर बढ़ रहा दबाव- रुपये में गिरवट के चलते भारत का आयात बिल बढ़ रहा है. साथ ही मोदी सरकार पर पेट्रोल-डीजल की महंगाई से राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती का दबाव बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2018-19 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान चालू खाता घाटा जीडीपी का 2.4 फीसदी हो गया. रुपये और तेल के दोहरे झटके के चलते इस पर दबाव और बढ़ रहा है.
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