इकॉनमी पर मंथन: RBI गवर्नर ने PM मोदी को दी प्रेजेंटेशन, सरकार ने लिए ये फैसले

अरुण जेटली ने कहा कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बैठक के दौरान एक प्रजेंटेशन भी दी.

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Updated: September 14, 2018, 11:17 PM IST
इकॉनमी पर मंथन: RBI गवर्नर ने PM मोदी को दी प्रेजेंटेशन, सरकार ने लिए ये फैसले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली. (File Photo: Getty Images)
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Updated: September 14, 2018, 11:17 PM IST
सरकार ने विदेशों से कर्ज लेने के नियमों में ढील देने तथा गैर-जरूरी आयातों पर पाबंदी लगाने का शुक्रवार को निर्णय किया. रुपये में गिरावट और बढ़ते चालू खाते के घाटे पर अंकुश लगाने के इरादे से यह कदम उठाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को अर्थव्‍यवस्‍था के मसले पर रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्‍त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ये फैसले लिए गए.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने इस बारे में बताया कि प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया. रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया. सरकार गैर-जरूरी आयात में कटौती करेगी, निर्यात बढ़ायेगी. साथ ही सरकार चालू खाता घाटा नियंत्रित करने के लिए ईसीबी, मसाला बॉन्ड से प्रतिबंधों को हटाएगी.

जेटली ने कहा कि इस निर्णय का मकसद चालू खाते के घाटे (कैड) पर अंकुश लगाना तथा विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार ने निर्यात को प्रोत्साहित करने तथा गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने का भी फैसला किया है. हालांकि, जेटली ने यह नहीं बताया कि किन जिंसों के आयात पर पाबंदी लगायी जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘बढ़ते कैड के मामले के समाधान के लिये सरकार जरूरी कदम उठाएगी. इसके तहत गैर-जरूरी आयात में कटौती तथा निर्यात बढ़ाने के उपाय किये जाएंगे. जिन जिंसों के आयात पर अंकुश लगाया जाएगा, उसके बारे में निर्णय संबंधित मंत्रालयों से विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा. वह डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों के अनुरूप होगा.’

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 12 सितंबर को रिकॉर्ड 72.91 तक नीचे गिर गया था. यह शुक्रवार को 71.84 पर बंद हुआ. घरेलू मुद्रा अगस्त से लेकर अब तक करीब 6 प्रतिशत टूटा है. पेट्रोल और डीजल के दाम भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं.

जेटली ने कहा कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बैठक के दौरान एक प्रजेंटेशन भी दी. इसमें बताया गया कि वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था के हालात कैसे हैं और भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर बाहरी तत्‍वों का असर कैसे पड़ सकता है. हमारे देश की विकास दर बाकी देशों से काफी ज्‍यादा है. देश में महंगाई स्थिर है और वह काबू में है.
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