GST कंपन्सेशन विवाद पर PM मोदी का दखल, वित्त मंत्रालय से मांगी रिपोर्ट

GST कंपन्सेशन विवाद पर PM मोदी का दखल, वित्त मंत्रालय से मांगी रिपोर्ट
राज्यों और केंद्र में GST कंपन्सेशन पर विवाद

बता दें कि जीएसटी कानून के तहत, राज्यों को एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के पहले पांच वर्षों में राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई की गारंटी दी गयी है. लेकिन राजस्व साझेदारी की मौजूदा फॉर्मूला के तहत केंद्र सरकार राज्यों के जीएसटी का हिस्सा दे पाने में सक्षम नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 6, 2020, 3:56 PM IST
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नई दिल्ली. ड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कंपन्सेशन विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दखल दिया है. पीएम मोदी GST कंपन्सेशन का विस्तृत ब्योरा मांगा है. पीएम ने वित्त मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है. बता दें कि राज्यों और केंद्र में जीएसटी कंपन्सेशन पर विवाद जारी है.  बता दें कि जीएसटी कानून के तहत, राज्यों को एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के पहले पांच वर्षों में राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई की गारंटी दी गयी है. लेकिन राजस्व साझेदारी की मौजूदा फॉर्मूला के तहत केंद्र सरकार राज्यों के जीएसटी का हिस्सा दे पाने में सक्षम नहीं है.

पिछले महीने वित्त मंत्रालय ने कहा था कि वित्त वर्ष 2019-20 के जीएसटी मुआवजे के लिए केंद्र सरकार ने 13,806 करोड़ रुपये की अंतिम किस्त जारी की है. राज्यों को किए जाने वाले मुआवजे के भुगतान के फॉर्मूले पर दोबारा काम करने के लिए जुलाई में जीएसटी परिषद की बैठक होने वाली थी. हालांकि, अभी तक यह बैठक नहीं हो सकी है. GST एक्ट 2017 में संशोधन पर चर्चा जारी है.

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क्या है विवाद?
जीएसटी क्रियान्वयन होने के बाद राजस्व में कमी होने पर संविधान में राज्यों को क्षतिपूर्ति का प्रावधान है. हालांकि, प्राकृतिक आपदा, कोविड-19 या आर्थिक मंदी जैसे कारणों से नुकसान होने पर संविधान या जीएसटी कानूनों के तहत क्षतिपूर्ति भुगतान की कोई बाध्यता नहीं है, क्योंकि ये कारण जीएसटी के क्रियान्वयन से संबंधित नहीं हैं. केंद्र सरकार को नहीं बल्कि जीएसटी परिषद को यह तय करना है कि ऐसी परिस्थितियों में कमी को कैसे पूरा किया जाए. कई राज्यों ने इस क्षतिपूर्ति की भरपाई भारत सरकार के संचित निधि कोष से करने की मांग की है. लेकिन संसद ने 2017 में इस तरह के संशोधन को खारिज कर दिया था जिसमें जीएसटी क्षतिपूर्ति मद में आने वाली कमी को भारत के संचित निधि कोष से भुगतान किये जाने का प्रावधान था.

केंद्र ने जारी किया 36,400 करोड़ का जीएसटी कॉम्पेंसेशन
बता दें कि केंद्र सरकार ने जून में राज्यों को 36,400 करोड़ का GST कंपन्सेशन जारी किया था. यह रकम दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच की है. केंद्र सरकार अप्रैल-नवंबर 2019 के बीच 1,15, 096 करोड़ रुपये का GST कंपन्सेशन पहले ही राज्यों को जारी कर चुकी है.
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