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गरीब कल्याण रोजगार अभियान लॉन्च, जानें स्कीम की 10 बड़ी बातें

116 जिलों में मिलेगा रोजगार
116 जिलों में मिलेगा रोजगार

गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Pradhan Mantri Garib Kalyan Rojgar Abhiyan) को 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में चलाया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया है.

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नई दिल्ली. देश के गांवों में स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Pradhan Mantri Garib Kalyan Rojgar Abhiyan)की शुरुआत की. इस अभियान को 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में चलाया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया है. इन मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिलेगा. मोदी ने कहा कि आज खगड़िया से शुरू हो रहा गरीब कल्याण रोजगार अभियान इसी भावना, इसी जरूरत को पूरा करने का बहुत बड़ा साधन है.

श्रमिकों को उनके गांव के पास ही रोजगार दिलाने के इस अभियान को 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' का नाम दिया गया है. इसमें श्रमिकों को उनके स्किल के हिसाब से 25 सरकारी योजनाओं में काम मिलेगा. यह योजनाएं देश के 6 राज्यों में 116 जिलों में लागू की जा रही हैं.

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Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan की 10 बड़ी बातें-


  1. गांवों में रोजगार के लिए, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पहचान की गई है. ये 25 काम या प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जो गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े हैं, जो गांव के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हैं. ये काम अपने ही गांव में रहते हुए, अपने परिवार के साथ रहते हुए ही किए जाएंगे.


2. मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिलेगा. इसकी दैनिक मजदूरी हाल ही में 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है. मतलब 125 दिनों में ये 25,250 रुपये कमा लेंगे.

3. यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों- ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि का एक समन्वित प्रयास होगा.

4. इस अभियान के तहत सरकार ने 6 राज्यों के 116 जिलों की पहचान की है. इन जिलों में करीब 67 लाख प्रवासी मजदूर वापस गए हैं. इन 116 जिलों में बिहार के 32, उत्तर प्रदेश के 31, मध्य प्रदेश के 24, राजस्थान के 22, ओडिशा के 4 और झारखंड के 3 जिले शामिल हैं.

5. गांव में ही कृषि उपज के भंडारण के लिए भंडारागार आदि का निर्माण कराया जाएगा. गांव के नहर आदि में टूट-फूट हो गई हो तो उसे भी ठीक कराया जाएगा.

6. इस योजना के लिए किसी को आवेदन नहीं करना होगा, राज्य और केंद्र सरकार स्वयं इस योजना के लिए प्रवासी मजदूरों का चयन करेंगी.

7. जो मजदूर श्रमिक स्पेशल या राज्य सरकार द्वारा अन्य तरीके से गांव वापस भेजे गए हैं, उनके नाम की सूची पहले से ही सरकार के पास है. उसी सूची के आधार पर उन्हें काम दिलवाया जाएगा.

8. जो मजदूर किसी शहर से पलायन कर पैदल या किसी अन्य साधन से अपने गांव पहुंचे हैं, उनकी सूची भी संबंधित जिला के जिलाधिकारी के पास है. हालांकि ऐसे लोगों को अपना नाम चेक कर लेना चाहिए.

9. रोजगार अभियान में काम कराने से लेकर मजदूरी के भुगतान का काम, सब राज्य सरकार के अधिकारी ही करेंगे.

10. प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा, 'श्रमेव जयते, आप श्रम की पूजा करने वाले लोग हैं, आपको काम चाहिए, रोजगार चाहिए. इस भावना को सर्वोपरि रखते हुए ही सरकार ने इस योजना को बनाया है, इस योजना को इतने कम समय में लागू किया है.

 
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