केंद्र का निजीकरण पर क्यों है जोर, पीएम मोदी ने दिए ये सारे तर्क

निजीकरण पर एक वेबिनार में बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (ANI/24 Feb 2021)

निजीकरण पर एक वेबिनार में बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (ANI/24 Feb 2021)

PM Modi on Privatisation: प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चार रणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों के सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को प्रतिबद्ध है.

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  • Last Updated: February 24, 2021, 7:51 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि 'व्यवसाय करना सरकार का काम नहीं है' और उनकी सरकार रणनीतिक क्षेत्रों में कुछ सार्वजनिक उपक्रमों को छोड़कर बाकी क्षेत्रों के उपक्रमों का निजीकरण करने को प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, 'सरकारी कंपनियों को केवल इसलिए नहीं चलाया जाना चाहिए कि वे विरासत में मिली हैं.'



प्रधानमंत्री ने कहा कि बीमार सार्वजनिक उपक्रमों को वित्तीय समर्थन देते रहने से अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत अब एक बाजार, एक कर प्रणाली वाला देश है. यहां कर प्रणाली को सरल बनाया गया है और अनुपालन जटिलताओं में सुधार लाया गया है. इस दौरान प्रधानमंत्री ने आम बजट 2021-2022 की भी तारीफ की.



निजीकरण को लेकर पीएम मोदी ने दिए ये तर्क

1. कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम घाटे में हैं, कइयों को करदाताओं के पैसे से मदद दी जा रही है.
2. बीमार सार्वजनिक उपक्रमों को वित्तीय समर्थन से अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है, सरकारी कंपनियों केवल इसलिए नहीं चलाया जाना चाहिए कि वे विरासत में मिली हैं.

3. व्यवसाय करना सरकार का काम नहीं, सरकार का ध्यान जन कल्याण पर होना चाहिए.

4. सरकार के पास कई ऐसी संपत्तियां हैं, जिसका पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हुआ है या बेकार पड़ी हुई हैं, 100 परिसंपत्तियों को बाजार में चढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे.



5. सरकार मौद्रिकरण, आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रही है, निजी क्षेत्र से दक्षता आती है, रोजगार मिलता है. निजीकरण, संपत्ति के मौद्रिकरण से जो पैसा आएगा उसे जनता पर खर्च किया जाएगा.



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प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चार रणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों के सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि रणनीतिक महत्व वाले चार क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कम से कम स्तर पर रखा जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार 111 लाख करोड़ रुपये की नई राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पाइपलाइन (सूची) पर काम कर रही है.

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