PM नरेंद्र मोदी ने कहा- श्रम सुधारों से आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार, मजदूरों के हितों की होगी सुरक्षा

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, लेबर बिल पास होने से देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्‍साहन मिलेगा.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, लेबर बिल पास होने से देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्‍साहन मिलेगा.

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session Parliament) के आखिरी दिन तीन लेबर बिल (Labor Bills) पारित हो गए. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि इससे लाल फीताशाही और इंस्पेक्टर राज खत्म होंगे. इंडस्‍ट्रीज का कहना है कि तीनों लेबर कोड से निवेश (Investment) और नए रोजगार पैदा (Job Creation) करने में मदद मिलेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 6:06 AM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद मोदी (PM Narendra Modi) ने श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा और काम का बेहतर माहौल देने के लिए लेबर कोड (Labor Code) से जुड़े तीन विधेयकों (Three Labor Bills) के संसद से पारित होने पर कहा कि श्रम सुधारों (Labor Reforms) से मजदूरों के हित सुरक्षित होंगे. साथ ही देश के आर्थिक विकास (Economic Growth) को मजबूती मिलेगी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि इन श्रम सुधारों की लंबे समय से जरूरत थी. साथ ही कहा कि ये 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' का बड़ा उदाहरण हैं.

श्रमिकों को मिलेगी रोजगार की सुरक्षा, कारोबार की सुगमता होगी सुनिश्चित
पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि नई श्रम संहिता (Labor Code) न्यूनतम वेतन और समय पर भुगतान को सुनिश्चित करेगी. नए लेबर कोड में मजदूरों की पेशागत सुरक्षा (Occupational Safety) को प्राथमिकता पर रखा गया है. ये सुधार काम करने का बेहतर माहौल उपलब्‍ध कराएंगे, जिससे आर्थिक विकास की गति को तेजी मिलेगी. यही नहीं ये सुधार कारोबार की सुगमता (Ease of Doing Business) को सुनिश्चित करेंगे. इन सुधारों को बेहतर भविष्य वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे लाल फीताशाही और इंस्पेक्टर राज खत्म होंगे. बता दें कि संसद ने बुधवार को श्रमिकों के कल्‍याण और सुरक्षा के लिए श्रम संहिता संबंधी तीन विधेयकों को पारित कर दिया है. अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये तीनों विधेयक कानून बन जाएंगे.

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भारतीय मजदूर संघ ने किया विरोध, इंडस्‍ट्रीज का श्रम सुधारों को समर्थन


हालांकि, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) की नेशनल ट्रेड यूनियन भारतीय मजदूर संघ (Bharatiya Mazdoor Sangh) ने खुले तौर पर तीन में से एक लेबर कोड का विरोध किया है. ट्रेड यूनियन का कहना है कि इंडस्‍ट्रीयल रिलेशन कोड (Industrial Relation Code) नियोक्‍ताओं के पक्ष में ज्‍यादा नजर आ रहा है. इससे औद्योगिक शांति (Industrial Peace) में खलल पड़ सकता है. हालांकि, इंडस्‍ट्रीज ने तीनों लेबर बिल के संसद से पारित होने का स्‍वागत किया है. उनका कहना है कि इससे निवेश (Investment) को बढ़ावा मिलेगा और नई नौकरियां पैदा (Job Creation) करने में बड़ी मदद मिलेगी.

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सरकार ने नए श्रम कानून में मजदूरों के हित में किए हैं ये प्रावधान
नए श्रम कानून से देश के संगठित और असंगठित श्रमिकों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी. सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा. नियोक्‍ताओं को वेतन का डिजिटल भुगतान करना होगा. साल में एक बार सभी श्रमिकों का हेल्थ चेकअप अनिवार्य किया गया है. वहीं, कारोबार को आसान बनाने के लिए कई प्रावधान भी हैं. श्रम मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) ने राज्‍यसभा को बताया कि वर्तमान कानून में दुर्घटना में जुर्माने की राशि पूरी तरह से सरकार के खाते में जाती थी, लेकिन नए कानून में जुर्माने की राशि का 50 फीसदी पीड़ित को मिलेगा. उन्‍होंने कहा कि 73 साल में पहली बार श्रम कानून में ऐसे बदलाव हो रहे हैं, जो नियोक्ता और श्रमिक दोनों के लिए फायदेमंद होंगे. इन चार संहिताओं में पुराने 29 कानून को एकीकृत किया गया है.
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