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महिलाओं को नए कानून के बाद मिलेगी पुरुषों के समान सैलरी और आगे बढ़ने के मौके, पीएम मोदी ने खुद दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रम सुधारों के तहत महिलाओं को पुरुषों के समान मौके उपलब्‍ध कराना सुनिश्चित किया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रम सुधारों के तहत महिलाओं को पुरुषों के समान मौके उपलब्‍ध कराना सुनिश्चित किया गया है.

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 'अटल टनल' (Atal Tunnel) का उद्घाटन करने के बाद नए श्रम कानूनों (New Labour Act) का जिक्र करते हुए कहा कि अगर हमें आत्‍मनिर्भर भारत (AatmaNirbhar Bharat) के लक्ष्‍य को हासिल करना है तो पिछली सदी के नियम नई सदी में काम नहीं करेंगे. नए लेबर कोड (Labour Codes) में सुनिश्चित किया गया है कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर मौके मिलें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2020, 5:32 PM IST
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नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में अटल टनल (Atal Tunnel, Rohtang) का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए नए श्रम कानूनों (New Labour Act) का भी जिक्र किया. उन्‍होंने कहा कि नए कानून के बाद महिलाओं (Women) को पुरुषों के समान सैलरी (Equal Salary) मिलेगी. साथ ही उन्‍हें पुरुषों के बराबर आगे बढ़ने का मौका भी मिलेगा. बता दें कि मोदी सरकार ने 44 श्रम कानूनों में बदलाव कर चार श्रम संहिता (Labour Code) बनाई हैं. साथ ही 12 कानून रद्द कर पुराने 44 में से 3 कानूनों को नए श्रम संहिता में शामिल किया है.

'सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए काम करने वालों को परेशान कर रहे हैं सुधार'
पीएम मोदी ने कहा कि अगर हमें आत्‍मनिर्भर भारत (AatmaNirbhar Bharat) के लक्ष्‍य को हासिल करना है तो पिछली सदी के नियम नई सदी में काम नहीं करेंगे. इसलिए हमारी सरकार श्रम सुधारों का सिलसिला आगे भी जारी रखेगी. विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा कि हमारे सुधार सिर्फ राजनीतिक फायदे (Political Benefitss) के लिए काम करने वालों को परेशान करते हैं. ऐसे लोगों को समझना होगा कि आप पिछली सदी की सोच के साथ अगली सदी में प्रवेश नहीं कर सकते हैं.

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केंद्र सरकार की ओर से गठित काउंसिल हर साल करेगी न्‍यूनतम वेतन का आकलन


नए श्रम कानूनों के तहत वेतन संहिता (Wage Code) में साफ किया गया है कि पुरुषों और महिलाओं को समान वेतन मिलेगा. साथ ही कहा गया है कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर न्‍यूनतम वेतन (Minimum Salary) भी तय किया जाएगा. केंद्र सरकार की ओर से गठित एक काउंसिल हर साल न्‍यूनतम वेतन का आकलन करेगी. वहीं, वेतन भौगोलिक स्थिति और व्‍यक्ति की स्किल के आधार पर तय किया जाएगा. वहीं, वेज कोड के तहत कंपनियों के लिए कर्मचरियों को समय पर वेतन देना अनिवार्य कर दिया गया है.

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महिलाओं के लिए काम के घंटे सुबह 6 से शाम 7 बजे तक, ओवरटाइम का दोगुना पैसा
व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संहिता (OSH Code) के तहत महिलाओं को सभी क्षेत्रों में काम करने की इजाजत दे दी गई है. वहीं, कंपनियों को महिला कर्मचरियों के लिए क्रेच और कैंटीन सुविधा मुहैया कराना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा कंपनी की ओर से 45 वर्ष से ज्‍यादा की कर्मचारी को साल में एक बार मुफ्त हेल्‍थ चेकअप कराने की सुविधा दी मिलेगी. महिलाओं के लिए काम के घंटे सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही रहेंगे. शाम 7 बजे के बाद अगर काम कराया जा रहा है तो सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की होगी. ओवरटाइम कराने पर दोगुना पैसा मिलेगा.

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पहली बार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी ESI से जोड़ा गया
सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code) के तहत महिलाओं के ESIC का विस्तार किया जाएगा. देश के 740 जिलों में ESIC की सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएगी. पहली बार असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी ESIC से जोड़ा जाएगा. अब असम के चाय बागानों या कश्‍मीर के सेबों के बाग में काम कने वाली महिला श्रमिक भी ESI के दायरे में आएंगी. कांट्रेक्ट पर काम करने वाली महिला कर्मचारियों को भी ग्रेच्यूटी का फायदा मिलेगा. इसके लिए न्यूनतम कार्यकाल की बाध्यता नहीं होगी. जिन्‍हें फिक्सड टर्म बेसिस पर नौकरी मिलेगी, उन्हें उतने दिन के आधार पर ग्रेच्युटी पाने का हक होगा यानी अब पांच साल पूरे करने की जरूरत नहीं है.
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