रेहड़ी-पटरी, सड़क किनारे दुकान चलाने वालों के लिए बड़ी खबर, पहचान पत्र के बिना भी मिलेगा 10 हजार का कर्ज

रेहड़ी-पटरी, सड़क किनारे दुकान चलाने वालों के लिए बड़ी खबर, पहचान पत्र के बिना भी मिलेगा 10 हजार का कर्ज
PM SVANidhi के बारे में जानिए

PM SVANidhi Scheme-रेहड़ी-पटरी, ठेले या सड़क किनारे दुकान चलाने वाले भी प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi ) का लाभ ले सकेंगे जिनके पास पहचान पत्र और विक्रय प्रमाण पत्र नहीं है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इसके लिए अनुशंसा पत्र (एलओआर) व्यवस्था की शुरूआत की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 8:43 AM IST
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नई दिल्ली. रेहड़ी-पटरी, ठेला या सड़क किनारे दुकान चलाने वालों के लिए बड़ा ऐलान हुआ है. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को PM SVANidhi स्कीम से जुड़ा अनुशंसा पत्र (LoR) व्यवस्था की शुरुआत की है. अगर आसान शब्दों में कहें तो अब प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) का लाभ ले सकेंगे जिनके पास पहचान पत्र और विक्रय प्रमाण पत्र नहीं है. आपको बता दें कि PM SVANidhi स्कीम के तहत रेहड़ी पटरी वालों और छोटी मोटी दुकान लगाकर आजीविका चलाने वालों को 10,000 रुपये तक का कर्ज मिलता है.

अब क्या होगा- सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने इस सुविधा की शुरुआत की और कहा कि पात्र रेहड़ी-पटरी वाले स्थानीय शहरी निकाय अनुशंसा पत्र के लिए अनुरोध कर सकता है. मिश्रा ने कहा कि योजना के तहत एलओआर प्राप्त करने के बाद ठेले वाले दुकानदार कर्ज के लिये आवेदन दे सकते हैं. मंत्रालय के अनुसार अनुशंसा पत्र यह मॉड्यूल उन ठेले दुकान चलाने वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को सुविधा देने के लिए तैयार किया गया है जिनके पास पहचान पत्र (आईडी) और विक्रय प्रमाणपत्र (सीओवी) नहीं है तथा उनका नाम इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए सर्वेक्षण सूची में भी शामिल नहीं हैं.

पीएम स्वनिधि पोर्टल पर स्थानीय शहरी निकायों से एलओआर प्राप्त करने के लिये ऑनलाइन आवेदन करने के लिए एक विक्रेता के पास निम्न दस्तावेजों में से कोई एक होना चाहिए.




इसके अलावा, एक विक्रेता सादे कागज पर साधारण आवेदन के माध्यम से स्थानीय शहरी निकाय से अनुरोध कर सकता है कि स्थानीय जांच द्वारा उसके दावे की वास्तविकता का पता लगाया जाये.स्थानीय निकाय को 15 दिनों की अवधि के भीतर एलओआर जारी करने के अनुरोध का निपटान करना होगा.

बयान के अनुसार जिन विक्रेताओं के पास एलओआर हैं, उन्हें 30 दिनों की अवधि के भीतर विक्रय प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग) / पहचान पत्र जारी किया जाएगा.

ये दस्तावेज चाहिए- लॉकडाउन अवधि के दौरान कुछ राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों द्वारा दी गई एकमुश्त सहायता का प्रमाणपत्र या विक्रेता संघों का सदस्यता विवरण अथवा कोई अन्य दस्तावेज यह साबित करने के लिए कि वह एक विक्रेता है.

PM SVANidhi के बारे में जानिए-यह लोन एक साल की अवधि के लिए होगा और इसका मासिक किस्तों में भुगतान करना होगा. कर्ज के लिए किसी तरह की गारंटी नहीं ली जाएगी. इस तरह यह एक तरह का अनसिक्‍योर्ड लोन होगा.

इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 7 फीसद का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके अकाउंट में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जाएगा.

इस स्कीम के तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है. सभी कारोबारियों को डिजिटल लेनदेन करना होगा, उन्हें इसमें कैशबैक की पेशकश मिलेगी.

स्‍कीम के लिए सिडबी को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है और अब तक इसके तहत 2 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं. जबकि 50 हजार कारोबारियों को कर्ज मंजूर किया गया है.

सरकार ने स्‍ट्रीट वेंडर्स के लिए शुरू की गई इस योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है. इसके लिए कोई कड़ी शर्त नहीं होगी. यह आसान शर्तों के साथ मिल जाएगा.

किसे मिलेगा इस योजना का लाभ- इस विशेष क्रेडिट स्कीम के तहत 24 मार्च, 2020 तक या उससे पहले वेंडिंग करने वाले 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स कर्ज ले सकते हैं. इसमें सड़क किनारे ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों को यह कर्ज दिया जाएगा. फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकानें भी इस श्रेणी में शामिल की गई हैं. इन्‍हें चलाने वाले भी यह लोन ले सकते हैं. माना जा रहा है कि इस योजना से 50 लाख को फायदा होगा.
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