Janaushadhi Kendras: सस्ती दवाइयों के साथ इस तरह लोगों को मिल रहा रोजगार, जानें क्या है सरकार का प्लान

Janaushadhi Kendras

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पीएम मोदी (PM modi) ने रविवार को भारत के 7,500वें जनऔषधि केंद्र (Janaushadhi Kendras) का उद्घाटन किया है. केंद्र सरकार की ओर से देश के गरीबों को सस्ते में दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए ये सुविधा शुरु की गई है. इस योजना के तहत, 2.5 रुपए में लड़कियों के लिए सैनिटरी पैड उपलब्ध कराएं जाते हैं.

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नई दिल्ली: पीएम मोदी (PM modi) ने रविवार को भारत के 7,500वें जनऔषधि केंद्र (Janaushadhi Kendras) का उद्घाटन किया है. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह नया केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया. केंद्र सरकार की ओर से देश के गरीबों को सस्ते में दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए ये सुविधा शुरु की गई है. इस योजना के तहत, 2.5 रुपए में लड़कियों के लिए सैनिटरी पैड उपलब्ध कराएं जाते हैं. बता दें यह योजना 'सेवा और रोजगार' का एक माध्यम है, क्योंकि यह युवाओं को रोज़गार के अवसर भी प्रदान करती है.

आपको बता दें जनऔषधि केंद्रों के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी देने के लिए 1-7 मार्च के हफ्ते को जनऔषधि सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है. पीएम मोदी ने आगे लोगों से इन केंद्रों से दवाइयां खरीदने की अपील की, जिन्हें लोग अक्सर मोदी की दुकान (Modi Ki Dukaan) बुलाते हैं, क्योंकि ये ज्यादा किफायती हैं. आइए आपको जनऔषधि केंद्र की कुछ जरूरी बातें बताते हैं-

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>> लोगों को कम कीमत पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराना है.
>> इन केंद्रों में 50 से 90 फीसदी तक दवाइयां सस्ती मिलती हैं.
>> इस केंद्र से दवाइयां खरीदने पर लोगों को कुल 3,600 करोड़ रूपए की बचत हुई है.
>> 1,000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र तो ऐसे हैं, जिन्हें महिलाएं ही चला रही हैं.

5 साल पहले की गई थी इस योजना की घोषणा
प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री ‪नरेन्द्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2015 को घोषित एक खास योजना है. इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक (Generic) दवाइयां बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती हैं. इसके लिए सरकार द्वारा 'जन औषधि स्टोर' बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं.

क्या है योजना का लक्ष्य
इस योजना का लक्ष्य देश के हर ब्लॉक में कम से कम एक पीएमबीजेपी केंद्र खोलने का है. पिछले साल जनऔषधि दिवस के दिन तक देश के 700 जिलों में जदन औषधि केंद्र के 6200 आउटलेट खुल चुके थे. ये केंद्र एक स्वरोजगार के बहुत अच्छे अवसर के रूप में जाने जाते हैं.

जन औषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) कौन खोल सकता है?
कोई भी व्यक्ति या कारोबारी, अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर PMJAY के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकता है. PMJAY के तहत SC, ST एवं दिव्यांग आवेदकों को औषधि केंद्र खोलने के लिए 50,000 रुपये मूल्य तक की दवा एडवांस में दी जाती है. PMJAY में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जाती है.

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कितनी होती है कमाई?
जेनेरिक मेडिकल स्टोर के जरिए महीने में जितनी दवाइयों की बिक्री होगी, उसका 20 फीसदी कमीशन के रूप में मिलेगा. इस लिहजा से अगर आपने महीने में 1 लाख रुपये की भी बिक्री की तो उस महीने में आपको 30 हजार रुपये की कमाई हो जाएगी.
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