RBI ने PMC Bank पर लगी पाबंदियां बढ़ाई 31 मार्च तक, खाताधारकों को नहीं मिलेगी यह सुविधा

PMC Bank

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RBI ने संकट में फंसे पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) पर लगी पाबंदियों को 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 9:51 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घोटाले के आरोपों से घिरे और आर्थिक संकट का सामना कर रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) पर लगी पाबंदियों को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि 23 सितंबर, 2019 को जारी निर्देश, जिन्हें समय-समय पर संशोधित किया गया है, की वैधता को 23 दिसंबर, 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2021 तक किया जा रहा है. हालांकि, बैंक के लिए एक अच्छी खबर यह भी है कि इसके रिकंस्ट्रक्शन और इसमें इक्विटी इंवेस्टमेंट यानी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अब तक 4 एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) प्राप्त हुए हैं.

गौरतलब है कि बीते महीने PMC बैंक ने निवेश या इक्विटी भागीदारी के जरिये उसके पुनर्गठन के लिए संभावित निवेशकों से रुचि पत्र (EOI) मांगा था. इन EOIs को जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर थी. जिसमें 4 निवेशकों ने दिलचस्पी भी दिखाई है. हालांकि, RBI ने अभी यह नहीं बताया है कि किन कंपनियों या निवेशकों ने PMC बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए EoI जमा किया है. बैंक जमाकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों की व्यवहारिकता का अध्ययन करेगा और चुने गए कंपनियों और निवेशकों को बैंक को खरीदने की बोली यानी बिडिंग प्रक्रिया (Bidding process) में शामिल किया जाएगा.

जानिए क्या है है पूरा मामला

PMC Bank ने अवैध तरीके से HDIL ग्रुप को 6500 करोड़ रुपये लोन दिया था, जो सितंबर 2019 में बैंक के टोटल लोन बुक साइज 8880 करोड़ रुपये का का 73% था. मार्च, 2019 में बैंक का डिपोजिट बेस 11,617 करोड़ रुपये था. यह घोटाला उजागर होने के बाद PMC Bank के पूर्व एमडी जॉय थॉमस और पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह को पिछले साल अक्टूबर में मुंबई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने गिरफ्तार कर लिया था. इनके अलावा बैंक के और भी कई सीनियर अधिकारियों को गिरप्तार किया गया था.
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RBI ने PMC बोर्ड को किया भंग

बैंक ने कई वित्तीय अनियमितताओं और Real Estate डेवलपर एचडीआईएल को लोन देने की बात छिपाई थी. जिसके चलते RBI ने बीते साल 23 सितंबर को PMC के बोर्ड को भंग कर दिया था और बैंक से पैसे निकालने समेत कई तरह की पाबंदियां लगा दी थीं. बता दें कि शुरुआत में RBI ने जमाकर्ताओं को 1000 रुपये निकालने की अनुमति दी थी जिसे बाद जून 2020 में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया था. रिजर्व बैंक ने कहा था कि पीएमसी पर 22 दिसबंर 2020 तक सभी पाबंदियां पहले की तरह लागू रहेंगी.



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सितंबर 2019 में सामने आया था पीएमसी बैंक में फ्रॉड का मामला

आरबीआई ने कहा कि बैंक को इस स्थिति से उबारने के लिए सभी हितधारकों (Stakeholders) से बातचीत की जा रही थी, लेकिन कोविड-19 (COVID-19) और मौजूदा अनिश्चितता भरे माहौल के कारण पूरी प्रक्रिया में रुकावट पैदा हो गई है. इसके अलावा बैंक की नेट वर्थ (Net Worth) भी लगातार घटने और कर्ज की वसूली में जारी कानूनी प्रक्रिया (Legal Process) के कारण बैंक के लिए कोई प्रस्‍ताव जुटाना चुनौतीपूर्ण हो गया है. बता दें कि पीएमसी बैंक में धोखाधड़ी (Fraud) का मामला सितंबर 2019 में सामने आया था.
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