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PMC बैंक को 11 साल में लगा 4000 करोड़ का चूना, पूर्व मेनेजर के खिलाफ FIR दर्ज

News18Hindi
Updated: October 1, 2019, 9:09 AM IST
PMC बैंक को 11 साल में लगा 4000 करोड़ का चूना, पूर्व मेनेजर के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि 2008 से बैंक का घाटा 4,355.46 करोड़ रुपये हो चुका है.

मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव बैंक (पीएमसी) बैंक के पूर्व प्रबंधन और एचडीआईएल के प्रवर्तकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दायर की. पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) करेगा.

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  • Last Updated: October 1, 2019, 9:09 AM IST
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मुंबई. मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने सोमवार को पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव बैंक (पीएमसी) बैंक के पूर्व प्रबंधन और एचडीआईएल के प्रवर्तकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दायर की. पुलिस के अनुसार, इस मामले की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) करेगा. रिजर्व बैंक (Reserve Bank of  India) द्वारा नियुक्त प्रशासक की शिकायत के आधार पर शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अधिकारियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दायर किया है.

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि 2008 से बैंक का घाटा 4,355.46 करोड़ रुपये हो चुका है. बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एचडीआईएल के निदेशक वाधवन का नाम एफआईआर में है. वाधवन के पूरे नाम की तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई.

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पुलिस ने पीएमसी बैंक, एचडीआईएल के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दायर की

इस मामले में काम करने के तरीके के बारे में एफआईआर में कहा गया है कि एचडीआईएल के प्रवर्तकों ने बैंक के प्रबंधन के साथ सांठगाठ कर भांडुप शाखा से कर्ज लिया. पुलिस के एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार कर्ज का भुगतान नहीं होने के बावजूद बैंक के अधिकारियों ने एचडीआईएल के ऋण को गैर- निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया और इस सूचना को रिजर्व बैंक अधिकारियों से छिपाया.

इन लोगों ने कंपनियों के जाली खाते भी बनाए जिन्होंने थोड़ी-थोड़ी राशि का कर्ज लिया. नियामकीय निगरानी से बचने के लिए बैंक की जाली रिपोर्ट भी बनाई गई. इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (सरकारी कर्मचारी या बैंकर द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन), 420 (धोखाधड़ी, 465, 466 और 471 (जालसाजी से संबंधित) के अलावा 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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First published: September 30, 2019, 10:37 PM IST
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