प्रधानमंत्री फसल बीमा के पांच बड़े बदलाव जो आसान करेंगे किसानों की जिंदगी

प्रधानमंत्री फसल बीमा के पांच बड़े बदलाव जो आसान करेंगे किसानों की जिंदगी
लॉकडाउन के दूसरे चरण में ​कृषि क्षेत्र को भी मिली और छूट.

PMFBY: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से नहीं कटेगा बीमा का प्रीमियम, बीमा कंपनियां एक साल की बजाए कम से कम तीन साल के लिए भरेंगी टेंडर

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2020, 11:01 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) उठते सवालों और किसानों की मांग के बाद केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव कर दिए हैं. ज्यादातर किसानों (Farmers) को अभी इसकी जानकारी नहीं है. ऐसे में हम इससे जुड़े पांच बड़े बदलावों की जानकारी दे रहे हैं जिससे किसानों की जिंदगी आसान हो सकती है. अब तक बीमा कंपनियां उन किसानों के खाते से प्रीमियम का पैसा पहले ही काट लेती थीं, जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) होता था. ऐसे किसानों को पता ही नहीं होता था कि उसकी फसल का बीमा हो चुका है और उसका प्रीमियम बैंक से पहले ही बीमा कंपनी के पास जमा हो चुका है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

कौन-कौन से बड़े बदलाव

(1) इस स्‍कीम को सभी किसानों के लिए स्‍वैच्‍छिक बना दिया गया है. किसान संगठन लगातार इसकी मांग कर रहे थे. अब केसीसी से पैसा नहीं कटेगा.



(2) प्रीमियम में किसानों के अंशदान में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. उन्हें खरीफ फसलों पर 2 फीसदी, रबी फसलों पर 1.5 और बागवानी नकदी फसलों पर अधिकतम 5 फीसदी प्रीमियम देना होगा.
 changes in PMFBY, पीएम फसल बीमा में बड़े बदलाव, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, Kisan Credit Card, किसान क्रेडिट कार्ड, kheti-kisani, खेती-किसानी, crop insurance scheme, फसल बीमा स्कीम, farmers, किसान, kisan, PMFBY, ministry of agriculture, कृषि मंत्रालय, modi government, मोदी सरकार, Skymet Weather, स्काईमेट वेदर
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से नहीं कटेगा बीमा का प्रीमियम


(3) बीमा कंपनियां एक साल के बजाए कम से कम तीन साल के लिए टेंडर भरेंगी. यानी अब कम से कम तीन साल के लिए बीमा कार्य दिया जाएगा, जिससे किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता एवं जवाबदेही पूरी होगी.

(4) किसान अपनी पसंद और जरुरत के मुताबिक बीमा ले सकेंगे. जैसे सूखा या बाढ़ के लिए अलग-अलग या फिर दोनों में में कोई एक भी.

(5) तय समय में बीमा राशि का भुगतान न करने वाले राज्यों को योजना से बाहर किया जाएगा. सिंचित क्षेत्रों में केंद्रीय सब्सिडी 25 और गैर सिंचित क्षेत्र के लिए बीमा केंद्रीय सब्सिडी 30 फीसदी तक सीमित होगी.

नुकसान का आकलन अब सैटेलाइट से होगा

योजना में फसल नुकसान का आकलन अब सैटेलाइट द्वारा किया जाएगा. इसके जरिए स्मार्ट सैंपलिंग होगी. इससे किसानों को बीमा दावों का भुगतान पहले के मुकाबले जल्दी होगा. देश के 10 राज्यों के 96 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत की गई है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक देश के आपदाग्रस्त (बाढ़ और जलभराव आदि) 151 जिलों के लिए विशेष बीमा योजना बनेगी.

ये भी पढ़ें: इस स्कीम से जुड़े पांच लाख किसान, एक रजिस्ट्रेशन से मिलेंगे कई लाभ

 

PM-किसान सम्मान निधि स्कीम: 15 दिन में लिंक करवा लें आधार वरना नहीं मिलेंगे 6000 रुपए!

 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज