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सरकारी कंपनियों से नाराज है PMO! दिया बड़ा आदेश, इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार

सरकारी कंपनियों से नाराज है PMO! दिया बड़ा आदेश, इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार

PMO सरकारी कंपनियों के कम पूंजीगत खर्च को लेकर काफी नाराज है.

PMO सरकारी कंपनियों के कम पूंजीगत खर्च को लेकर काफी नाराज है.

प्रधानमंत्री के मुख्‍य सचिव (Chief Secretary to PM) ने वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में सरकारी कंपनियों (PSUs) की ओर से विस्‍तार योजना पर किए गए कम पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बचे हुए महीनों में विस्‍तार योजनाओं पर खर्च में तेजी लाई जाए. साथ ही अगले साल के खर्च में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की जाए.

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    नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) की कंजूसी से काफी नाराज है. भारी-भरकम रकम पर बैठी सरकारी कंपनियों से कहा गया है कि वे अगले साल के लिए पूंजी खर्च (Capital Expenditure) में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी करें. बता दें कि अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) को रफ्तार देने में सरकारी कंपनियों की विस्‍तार योजना पर खर्च की अहम भूमिका होती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मुख्‍य सचिव की अध्‍यक्षता में हाल में हुई समीक्षा बैठक (Review Meeting) में सामने आया कि सरकारी कंपनियों ने चालू वित्‍त वर्ष की पहली छमाही के दौरान लक्ष्‍य का 30 से 35 फीसदी हिस्‍सा ही विस्‍तार योजनाओं पर खर्च किया है.

    'पीएसयू विस्‍तार योजनाओं पर खर्च में लाएं तेजी'
    प्रधानमंत्री के मुख्‍य सचिव (Chief Secretary to PM) ने सरकारी कंपनियों की ओर से विस्‍तार योजना पर अब तक किए गए कम खर्च पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बचे हुए महीनों में विस्‍तार पर खर्च में तेजी लाई जाए. साथ ही अगले साल के खर्च में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की जाए. मुख्‍य सचिव ने मोटी रकम पर बैठीं ऑयल और गैस सेक्‍टर (Oil and Gas Sector) की सरकारी कंपनियों से कहा कि 1 लाख करोड़ रुपये खर्च के लक्ष्‍य को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ किया जाए. इसके बाद वित्‍त वर्ष 2021-22 के लिए पूंजीगत व्‍यय को 3 लाख करोड़ रुपये किया जाए.

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    वित्‍त मंत्री ने भी दिया बड़ी पीएसयू को खर्च बढ़ाने का निर्देश
    वित्त मंत्री सीतारमण ने हाल में सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को खर्च बढ़ाने का सख्‍त निर्देश भी दिया था. उन्‍होंने कहा था कि बड़ी पीएसयू कंपनियां साल 2020-21 के योजनाबद्ध पूंजीगत खर्च का 75 प्रतिशत हिस्‍सा दिसंबर 2020 तक पूरा करें. इससे देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़े कोविड-19 (Covid-19) के बुरे असर को कम करने में मदद मिलेगी. कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिवों और इनसे जुड़ी 14 पीएसयू कंपनियों के चेयरमैन व प्रबंध निदेशकों के साथ ऑनलाइन बैठक में उन्होंने पूंजीगत योजनाओं पर तेजी से काम करने की अपील की.

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    पीएसयू दिसंबर 2020 तक करें 75 फीसदी पूंजीगत खर्च
    अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए पीएसयू कंपनियों की परफॉर्मेंस की समीक्षा करते हुए सीतारमण ने कहा था कि उनकी ओर से किया जाने वाला पूंजीगत खर्च आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) को रफ्तार देने में बहुत मददगार होगा. इसलिए उन्हें 2020-21 और 2021-22 के लिए पूंजीगत खर्च में तेजी लाने की जरूरत है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संबंधित मंत्रालयों के सचिवों से केंद्रीय पीएसयू कंपनियों के प्रदर्शन पर करीबी नजर रखने और दिसंबर तक उनके 2020-21 के तय पूंजीगत खर्च का 75 फीसदी खर्च सुनिश्चित करने पर जोर दियाundefined

    Tags: Indian economy, Oil marketing companies, Pm narendra modi, PMO, Public sector

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