PNB Scam Case: ब्रिटिश अदालत नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामले में 25 फरवरी को सुनाएगी फैसला

नीरव मोदी

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नीरव मोदी (Nirav Modi) को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिए शामिल हुआ था.

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नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांटेड हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के भारत प्रत्यर्पण (Extradition) पर लंदन की एक अदालत गुरुवार (25 फरवरी) को फैसला सुनाएगी. नीरव मोदी फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है.

मोदी (49) के दक्षिण-पश्चिम लंदन स्थित वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिए वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होने की उम्मीद है, जहां जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजी अपना फैसला सुनाएंगे कि हीरा कारोबारी के भारतीय अदालतों के समक्ष पेश होने के लिए कोई मामला है या नहीं.

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मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले को इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा. हालांकि फैसले के आधार पर दोनों में से किसी एक पक्ष के उच्च न्यायालय में अपनी करने की भी संभावना है.
नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिए शामिल हुआ था. जमानत को लेकर उसके कई प्रयास मजिस्ट्रेट अदालत और उच्च न्यायालय में खारिज हो चुके हैं क्योंकि उसके फरार होने का जोखिम है.

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उसे भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना होगा. इसके अलावा कुछ अन्य मामले भी उसके खिलाफ भारत में दर्ज हैं.



क्या है मामला


जांच एजेंसियों के मुताबिक नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में 14 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. यह धोखाधड़ी गारंटी पत्र के जरिए की गई.



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