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बदलने वाला है इन 3 सरकारी बैंकों का नाम, अब ग्राहकों के लिए जरूरी है इन 5 कामों को निपटाना

News18Hindi
Updated: February 9, 2020, 10:02 AM IST
बदलने वाला है इन 3 सरकारी बैंकों का नाम, अब ग्राहकों के लिए जरूरी है इन 5 कामों को निपटाना
ग्राहकों के लिए जरूरी है इन 5 कामों को निपटाना

Bank Merger: आप हमेशा ध्यान रखें कि आपका ई-मेल अड्रेस और मोबाइल नंबर बैंक के पास अपडेटेड जरूरी होना चाहिए. आइए जानें ऐसी ही जरूरी बातों के बारे में...

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  • Last Updated: February 9, 2020, 10:02 AM IST
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नई दिल्ली. अगर आपका खाता पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (United Bank of India) और ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स (OBC) में है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. क्योंकि 1 अप्रैल, 2020 को केंद्र सरकार PNB, UBI और OBC बैंकों के विलय से बनने वाले बैंक के लिए नये नाम की घोषणा करेगी. साथ ही नये बैंक का नया लोगो (Logo) जारी किया जारी किया जाएगा. मर्जर के बाद आपको एक नया खाता नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकता है. इसलिए आप हमेशा ध्यान रखें कि आपका ई-मेल अड्रेस और मोबाइल नंबर बैंक के पास अपडेटेड जरूरी होना चाहिए. आइए जानें ऐसी ही जरूरी बातों के बारे में...

ग्राहकों पर होंगे सीधे तौर पर ये 5 असर-

बैंकों के मर्जर के बाद खाताधारकों की जमापूंजी पर कोई असर नहीं होगा. हालांकि पेपरवर्क का काम थोड़ा बढ़ जाएगा.
>> आपका खाता नंबर और इंटरनेट कस्टमर आईडी में हो सकता है बदलाव- तीनों बैंकों के मर्जर के बाद आपको एक नया खाता नंबर और कस्टमर ID मिल सकता है. इसलिए आप हमेशा ध्यान रखें कि आपका ई-मेल एड्रेस और मोबाइल नंबर बैंक के पास अपडेटेड जरूरी होना चाहिए.बैंक हमेशा आपके फोन नंबर और ई-मेल आईडी पर किसी बदलाव के बारे में तुरंत जानकारी भेजता है. ये भी पढ़ें: हर माह 4000 रुपये लगाकर NPS से कमाएं 60 लाख रुपये, अब सरकार ने बदले नियम




>> आपको बदलनी होगी चेकबुक- मान लें आपका खाता UBI या फिर OBC में है तो आपको अपनी चेकबुक बदलने के लिए तैयार हो जाना चाहिए. मौजूदा चेकबुक हालांकि कुछ समय के लिए मान्य रहेगा, लेकिन अंततः उन्हें उस बैंक के चेकबुक से बदलना पड़ता है, जिस बैंक में विलय हुआ है. PNB ग्राहकों को भी नया पासबुक और चेकबुक मिलेगा.
>>  आपको इन जगह पर करानेहोंगे बदलाव- जिन ग्राहकों को नए अकाउंट नंबर या IFSC कोड अलॉट किए जाएंगे. उन्हें इन सभी डीटेल्स को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इंश्योरेंस कंपनियां, म्यूचुअल फंड और नैशनल पेंशन सिस्टम (NPS) इत्यादि जगह पर अपडेट कराना होगा. ये भी पढ़ें: मोदी सरकार की मदद से ऐसे शुरू करें बिजनेस, 25 फीसदी सब्सिडी के साथ आसानी से ​मिलेगा 25 लाख तक का लोन


>> नई ECS, SIP के लिए उठाने होंगे ये कदम- मर्जर के बाद नए बैंक में कई बदलाव होंगे. ऐसे में आपको अपनी ECS में बदलाव करना होगा. इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क कर नए ECS निर्देश जारी करें. जरूरत होने पर आपको ECS से जुड़ा फॉर्म ऑनलाइन या अपनी ब्रांच के जरिए भरना होगा. ऑटो डेबिट या सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के लिए आपको नया SIP रजिस्ट्रेशन और इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है. ऐसा ही लोन की ईएमआई के लिए भी करना होगा.
>>  बदल सकता है आपकी ब्रांच का एड्रेस- मर्जर के बाद बनने वाला नया बैंक अपनी कुछ ब्रांच को बंद कर सकता है. क्योंकि उस बिल्डिंग या फिर आस-पास UBI और OBC की ब्रांच होगी तो उसे एक ही ब्रांच में शिफ्ट कर दिया जाएगा. ऐसे में बैंक के खर्चे बचेंगे. लिहाजा आपकी ब्रांच का एड्रस बदल सकता है. इसीलिए आपको नई ब्रांच के लिए लागू नए IFSC और MICR कोड का ध्यान रखें, क्योंकि आपको फंड ट्रांसफर और अन्य फाइनेशियल ट्रांजेक्शंस के लिए इसकी जरुरत होगी.

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First published: February 9, 2020, 9:59 AM IST
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