Pfizer-BioNTech की कोरोना वैक्सीन के दूसरे ह्यूमन ट्रायल में शानदार नतीजे! एंटीबॉडी के साथ बना रही टी-सेल भी

Pfizer-BioNTech की कोरोना वैक्सीन के दूसरे ह्यूमन ट्रायल में शानदार नतीजे! एंटीबॉडी के साथ बना रही टी-सेल भी
फाइजर-बायोएनटेक की कोरोेना वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल के दूसरे शुरुआती परीक्षण के अच्‍छे नतीजे सामने आए हैं.

अमेरिका की दवा कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक (BioNTech) ने दावा किया है कि उनकी कोरोना वैक्‍सीन (Coronavirus Vaccine) ने ह्यूमन ट्रायल के दौरान एंटीबॉडी के साथ ही टी-सेल (T-Cell) भी बनाए हैं. वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल का दूसरा परीक्षण जर्मनी (Germany) में 60 लोगों पर किया गया था.

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नई दिल्‍ली. दुनियाभर के वैज्ञानिकों, स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का कहना है कि वैक्‍सीन बनाकर ही कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) से पुख्‍ता तौर पर निपटा जा सकता है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता दिनरात वैक्‍सीन बनाने में जुटे हुए हैं. इस समय पूरी दुनिया में करीब 150 वैक्‍सीन पर काम चल रहा है. इनमें 23 वैक्‍सीन का ह्यूमन क्‍लीनिकल ट्रायल (Human Clinical Trial) चल रहा है. इस बीच अमेरिका की दवा कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक (BioNTech) ने बताया कि उनकी बनाई कोरोना वैक्‍सीन ह्यूमन क्‍लीनिकल ट्रायल के दूसरे शुरुआती परीक्षण में सफल रही है.

जर्मनी में 60 लोगों पर किए परीक्षण के नतीजे आए सामने
फाइजर-बायोएनटेक ने दावा किया है कि उनकी वैक्‍सीन ने एंटीबॉडी ( रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने) बनाने के साथ ही संक्रमण को मारने वाले किलर टी-सेल (Killer T-Cell) यानी व्हाइट ब्लड सेल भी विकसित किए हैं. जर्मनी (Germany) में 60 स्वस्थ लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण किया गया. परीक्षण में शामिल किए गए लोगों में वैक्‍सीन की डोज दिए जाने के बाद एंटीबॉडी (Antibody) विकसित हुईं. कुछ ऐसे ही नतीजे अमेरिका (US) में किए पहले शुरुआती परीक्षण में भी सामने आए थे.

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जुलाई के अंत में 30,000 लोगों पर किए जाएगा परीक्षण


जर्मनी के परीक्षण में पाया गया कि वैक्सीन की डोज दिए जाने के बाद वालिंटियर्स के शरीर में एंडीबॉडी के साथ कोरोना वायरस के खिलाफ उच्चस्तर पर टी-सेल विकसित हुई हैं. बता दें कि टी-सेल वायरस के खिलाफ लड़ने वाली रोग प्रतिरोधक प्रणाली (Immunity) का बहुत अहम हिस्‍सा होता है. दोनों कंपनियों ने बताया कि उनकी वैक्‍सीन के बड़े पैमाने पर परीक्षण की योजना है. कंपनियों की ओर से बताया कि जुलाई के अंत में 30,000 लोगों पर उनकी कोरोना वैक्सीन का परीक्षण किया जाएगा.

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फाइजर के शेयर में दर्ज की गई 3.6 फीसदी बढ़ोतरी
वैक्‍सीन के परीक्षण के अतिरिक्‍त डाटा में मिले सकारात्‍मक नतीजों की घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार के दौरान फाइजर के शेयर में 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, बायोएनटेक के अमेरिकी शेयर्स में 12 फीसदी मुनाफा दर्ज किया गया. बता दें कि इसके अलावा अमेरिका की माडर्ना और एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन भी ह्यूमन ट्रायल के दौर में पहुंच चुकी हैं. वहीं, भारत की भी दो वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो चुका है. इसके अलावा ब्रिटेन की ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्‍सीन भी काफी एडवांस स्‍टेज में पहुंच चुकी है.
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