इस सरकारी स्कीम में लगाएं पैसा, ज्वाइंट अकाउंट में मिलता है दोगुना फायदा

इस सरकारी स्कीम में लगाएं पैसा, ज्वाइंट अकाउंट में मिलता है दोगुना फायदा
पोस्ट ऑफिस में निवेश 100% सुरक्षित

ज्वाइंट अकाउंट में एक व्यक्ति के शेयर के कैल्कुलेशन के लिए हर व्यक्ति का ज्वॉइंट अकाउंट में समान शेयर होता है.

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नई दिल्ली. पोस्ट ऑफिस (Post Office) की मंथली इनकम स्कीम (MIS) निवेश के लिए बेहतर स्कीम है. इस स्कीम में आप सिंगल या ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं. इस स्कीम में आपको हर महीने 6.6 फीसदी सालाना की दर से ब्याज मिलता है. सिंगल अकाउंट में आप अधिकतम 4.5 लाख रुपये और ज्वाइंट अकाउंट में 9 लाख रुपये का अधिकतम निवेश कर सकते हैं. अगर आप इस स्कीम में निवेश कर रहे हैं, तो 1000 रुपये के मल्टीपल में भुगतान करना होगा. ज्वाइंट अकाउंट में कोई व्यक्ति अपने हिस्से का अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश कर सकता है. ज्वाइंट अकाउंट में एक व्यक्ति के शेयर के कैल्कुलेशन के लिए हर व्यक्ति का ज्वाइंट अकाउंट में समान शेयर होता है.

कौन खोल सकता है खाता?
इस स्कीम में कोई भी व्यस्क व्यक्ति, अधिकतम तीन व्यक्ति मिलकर ज्वाइंट, 10 साल से ज्यादा उम्र का नाबालिग और नाबालिग या दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति की जगह अभिभावक अकाउंट खोल सकता है. इसमें अकाउंट को कैश या चेक के जरिए खोला जा सकता है. चेक की तारीख अकाउंट खोले जाने की तारीख के समान होनी चाहिए. नॉमिनेशन की सुविधा अकाउंट खोले जाने के समय और खोलने के बाद भी उपलब्ध रहती है. स्कीम में अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे में भी ट्रांसफर किया जा सकता है.

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स्कीम के तहत किसी भी पोस्ट ऑफिस में किसी भी संख्या में अकाउंट खोले जे सकते हैं, हालांकि, सभी अकाउंट्स में कुल मिलाकर अधिकतम निवेश की सीमा 4.5 लाख रुपये होनी चाहिये. स्कीम में सिंगल अकाउंट को ज्वाइंटअकाउंट में बदला जा सकता है और इसी तरह ज्वाइंटको सिंगल में भी बदल सकते हैं. अकाउंट का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का है. इस स्कीम में प्री-मैच्योरिटी विदड्रॉल आप डिपॉजिट के 1 साल बाद और 3 साल पहले कर सकते हैं, इस स्थिति में डिपॉजिट में 2 फीसदी की कटौती होगी. डिपॉजिट के 3 साल बाद पैसे निकालने पर 1 फीसदी की कटौती होगी. स्कीम में डिपॉजिट की तारीख से एक महीना पूरे होने पर ब्याज का भुगतान होगा. अगर कोई व्यक्ति हर महीने ब्याज को क्लेम नहीं करता है, तो ऐसे में कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलेगी.



पोस्ट ऑफिस में निवेश सुरक्षित
बैंक के मुकाबले पोस्ट ऑफिस यानी डाक घर में निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है. बैंक के डिफॉल्ट होने की स्थिति में उसमें जमा 5 लाख रुपये तक ही बीमा गांरटी होती है. यह गारंटी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) बैंक ग्राहकों देता है. जबकि, डाक घर में जमा पैसों पर सॉवरेन गारंटी होती है. इसका मतलब यह कि यदि किसी परिस्थिति में पोस्टल डिपार्टमेंट निवेशकों की जमा रकम लौटाने में विफल रहता है तो सरकार आगे बढ़कर निवेशकों के पैसों की गारंटी लेती है. चूंकि पोस्ट ऑफिस स्कीम में जमा पैसों का इस्तेमाल सरकार अपने कामों के लिए करती है. इसी वजह से इन पैसों पर सरकार गारंटी भी देती है.

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