पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में करें निवेश, हर महीने मिलेगा गारेंटेड मुनाफा

आपके पास एकमुश्त पैसा है और आप उसे ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं कि जहां हर माह तय रिटर्न मिले, तो आप पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) आपके लिए काम की हो सकती है.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 5:55 AM IST
पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में करें निवेश, हर महीने मिलेगा गारेंटेड मुनाफा
पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में करें निवेश, हर महीने होगी कमाई
News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 5:55 AM IST
आपके पास एकमुश्त पैसा है और आप उसे ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं कि जहां हर माह तय रिटर्न मिले, तो आप पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) आपके लिए काम की हो सकती है. MIS आपको हर महीने तय इनकम का मौका देती है. यह उनके लिए बेहतर है जो अन्य तरीके से आमदनी के लिए किसी अच्छे विकल्प की तलाश में हैं. स्कीम के तहत आपको कम से कम 1500 रुपये से पोस्ट ऑफिस में अकाउंट खुलवाना होगा. स्कीम को हर 5 साल में अगले 5 साल के लिए बढ़ा सकते हैं. यानी यह स्कीम आपके लिए जीवन भर आमदनी का जरिया बन सकती है.

क्या है ये स्कीम
पोस्ट ऑफिस की मंथली इन्वेस्टमेंट स्कीम यानी पीओएमआईएस में निवेश कर सकते हैं. यह एक ऐसी सरकारी योजना है जिसमें एक बार पैसा निवेश करने पर हर महीने तय आय होती रहती है. एक्सपर्ट्स इस योजना को निवेश के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक मानते हैं, क्योंकि इसमें 4 बड़े फायदे हैं. कोई भी खोल सकता है और आपकी जमा पूंजी हमेशा बरकरार रहती है. बैंक एफडी या डेट इंस्ट्रूमेंट की तुलना में आपको बेहतर रिटर्न मिलता है. इससे आपको हर महीने एक निश्चित आय होती रहती है और फिर स्कीम पूरी होने पर आपकी पूरी जमा पूंजी मिल जाती है, जिसे आप दोबारा इस योजना में निवेश कर मंथली आय का साधन बनाए रख सकते हैं.



कौन खोल सकता है खाता
आप अपने बच्चे के नाम से भी अकाउंट खोल सकते हैं. अगर बच्चा 10 साल से कम उम्र का है तो उसके नाम पर उसके माता-पिता या लीगल गार्जियन की ओर से अकाउंट खोला जा सकता है. बच्चे की उम्र 10 साल होने पर वह खुद भी अकाउंट के संचालन का अधिकार पा सकता है. वहीं, एडल्ट होने पर उसे खुद जिम्मेदारी मिल जाती है.

कितना करना होगा निवेश
Loading...

मंथली इन्वेस्टमेंट स्कीम अकाउंट कोई भी खोल सकता है. अगर आप का अकाउंट सिंगल है तो आप इसमें 4.5 लाख रुपये तक अधिकतम जमा कर सकते हैं. इसमें कम से कम 1500 रुपये की राशि जमा की जा सकती है. वहीं अगर आपका अकाउंट ज्वॉइंट है तो इसमें अधिकतम 9 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं.एक शख्‍स एक से ज्यादा लेकिन पोस्ट ऑफिस द्वारा तय लिमिट के अनुसार अकाउंट खोल सकता है.

ब्याज पर टैक्स छूट नहीं
इसमें जमा की जाने वाली रकम पर और उससे आपको मिलने वाली ब्याज पर किसी तरह की टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता है. हालांकि, इससे आपको होने वाली कमाई पर डाकघर किसी तरह का TDS नहीं कटता, लेकिन जो ब्याज आपको मंथली मिलती है, उसके एनुअल टोटल पर आपकी टैक्सेबल इनकम में शामिल किया जाता है.  ये भी पढे़ं: खेती-किसानी के लिए 5.6 करोड़ किसानों के अकाउंट में पहुंचे 4-4 हजार रुपये, आपको मिले क्या?



हर महीने होगी इनकम
हर महीने के इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत 7.6 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है. इस सालाना ब्याज को 12 महीनों में बांट दिया जाता है, जो आपको मंथली बेसिस पर मिलता रहता है. अगर आपने 9 लाख रुपये जमा किए हैं, तो आपका सालाना ब्याज करीब 68,400 रुपये होगा. इस लिहाज से आपको हर महीने 5,700 रुपये की आय होगी. 5,700 रुपये आपको हर महीने मिलेंगे, वहीं आपका 9 लाख रुपये मेच्योरिटी पीरियड के बाद कुछ और बोनस जोड़कर वापस मिल जाएगा.

कैसे खुलेगा खाता
आप अपनी सुविधा के अनुसार, किसी भी पोस्ट ऑफिस में जाकर अकाउंट खुलवा सकते हैं. इसके लिए आपको आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक की फोटो कॉपी जमा करनी होगी. इसके अलावा एड्रेस प्रूफ जमा करना होगा, जिसमें आपका पहचान पत्र भी काम आ सकता है. इसके अलावा आपको 2 पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ जमा करने होंगे.

MIS का बड़ा फायदा
जबतक स्कीम चलेगी, आपको हर महीने तय इनकम होगी. वहीं, मेच्योरिटी पर स्कीम बंद करने के बाद आपका कुल निवेश आपको वापस मिल जाएगा. स्कीम के तहत बैंक एफडी की तुलना में आपको बेहतर रिटर्न मिलता है. अगर आप मंथली पैसा न निकालें तो वह आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में रहेगी और मूलधन के साथ इस धन को भी जोड़कर आपको आगे ब्याज मिलेगा.

यह भी पढ़ें- 

SBI ग्राहकों को 10 दिन बाद से फ्री में मिलेगी ये सर्विसेज

खुशखबरी! फिर सस्ता हो सकता है कर्ज, RBI गवर्नर ने दिए संकेत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 23, 2019, 5:55 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...