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Budget 2021: इस बजट में तीन मांग पूरी होने की उम्मीद लगा रहे हैं 25 करोड़ अंडे का कारोबार करने वाले पोल्ट्री मालिक  

25 करोड़ अंडे का कारोबार करने वाले पोल्ट्री मालिक Budget 2021 से कई उम्मीदें लगा रहे हैं.
25 करोड़ अंडे का कारोबार करने वाले पोल्ट्री मालिक Budget 2021 से कई उम्मीदें लगा रहे हैं.

यूपी एग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली ने न्यूज18 से बात करते हुए बताया कि आज पोल्ट्री कारोबार जिस दोराहे पर खड़ा है वहां उसे तीन चीज़ों की बहुत जल्द जरूरत है. जानें कौन सी हैं वह तीन चीज़ें...

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 2, 2021, 1:13 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना (Corona), बर्ड फ्लू (Bird Flu) जैसी वैश्विक बीमारी के भारत में कदम रखते ही सबसे पहले मुर्गियां निशाना बनती हैं. पहले तो पब्लिक अंडा (Egg) और चिकन (Chicken) खाना बंद कर देती है, फिर कुछ दिन बाद सरकार मुर्गियों को मारने का आदेश जारी कर देती है. आंधी-पानी आए या तेज सर्दी-गर्मी पड़े तो भी सबसे पहले कहर पोल्ट्री (Poultry) पर ही टूटता है. उस पर भी कोढ़ में खाज वाली हालत यह है कि सरकार (Government) पोल्ट्री को किसानी में शामिल न कर राहत और दूसरी सुविधाओं से दूर रखती है.

यह दर्द है पोल्ट्री कारोबारियों का, जो हर बजट (Budget) के दौरान छलक आता है. उनका कहना है कि अगर हमारी तीन मांग मान ली जाएं तो किसानी की तरह से होने वाले इस कारोबार को बड़ी राहत मिल सकती है. वर्ना तो वो दिन दूर नहीं जब 25 करोड़ अंडे रोज़ाना का यह कारोबार आधे से भी कम रह जाएगा.

यूपी एग एसोसिएशन के अध्यक्ष नवाब अली ने न्यूज18 से बात करते हुए बताया कि आज पोल्ट्री कारोबार जिस दोराहे पर खड़ा है वहां उसे तीन चीज़ों की बहुत जल्द जरूरत है. सबसे पहली है अंडे की एमएसपी तय की जाए. पोल्ट्री के लिए दिए जाने वाले बिजली कनेक्शन को कमर्शियल की कैटेगिरी से बाहर रखा जाए. और तीसरी मांग है 75 फीसद सब्सिडी के साथ पोल्ट्री फार्म में अंडे रखने के लिए कोल्ड रूम बनाने की राहत दी जाए.




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उतार-चढ़ाव के चलते बहुत जोखिम भरा है पोल्ट्री कारोबार

मान्या एग ट्रेडर्स के संचालक राजेश राजपूत का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते तो पोल्ट्री कारोबार में लगातार जोखिम बना ही रहता है, लेकिन बाज़ार में तेजी के साथ होने वाले उतार-चढ़ाव के चलते भी इस कारोबार में बड़ा जोखिम हर वक्त बना रहता है. मौसम बदलने पर बाज़ार का रुख तय होता है.

लेकिन अगर एक महीना भी पोल्ट्री वाला अंडा रोकना चाहे तो महंगे कोल्ड स्टोरेज के अलावा उसके पास कोई रास्ता नहीं है. कोल्ड रूम बनाने में भी ऊंची लागत आती है. इसलिए पोल्ट्री वालों को रोज़ाना जो भी औने-पौन दाम मिलते हैं वो रोज बाज़ार में अंडा बेच देते हैं.
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