बिना गारंटी बैंकों से कम ब्याज पर PPF के जरिए मिलता है लोन, जानिए कैसे

अगर आपको पैसों की जरूरत है और आपके पास लोन लेने के लिए कोई गारंटी नहीं है तो PPF को जरिया बना सकते हैं.

News18Hindi
Updated: June 11, 2019, 10:04 AM IST
बिना गारंटी बैंकों से कम ब्याज पर PPF के जरिए मिलता है लोन, जानिए कैसे
पीपीएफ
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Updated: June 11, 2019, 10:04 AM IST
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) टैक्‍स सेविंग के मामले में निवेश का एक अच्‍छा विकल्‍प बनकर उभरा है. इसमें आपके द्वारा जमा किया अमाउंट तो टैक्‍स फ्री होता ही है, साथ ही ब्‍याज और मैच्‍योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद मिलने वाली रकम भी टैक्‍स फ्री होती है. अगर आपको पैसों की जरूरत है और आपके पास लोन लेने के लिए कोई गारंटी नहीं है तो PPF को जरिया बना सकते हैं. लोन की ब्याज दर बैंकों से कम होगी है. PPF में सालाना 500 रुपये के न्‍यूनतम निवेश से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है.

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PPF पर लोन लेने के फायदे
>> कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं

>> लोन चुकाने के लिए 36 माह की मोहलत
>> 36 माह की अवधि, जिस महीने में आपका लोन पास हुआ है उसके अगले माह से गिनी जाती है.
>> लोन के लिए ब्‍याज दर PPF पर मिल रहे ब्‍याज से केवल 2 फीसदी ज्‍यादा होती है, जो बैंकों की पर्सनल लोन ब्याज दर से कम है. फिलहाल PPF पर ब्याज दर 8 फीसदी है.
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>> इसके अलावा लोन लेते वक्त जो ब्याज दर तय होती है, लोन की अवधि पूरे होने तक वही दर बरकरार रहती है, फिर भले ही ब्याज दर कम या ज्यादा की जाए. ये भी पढ़ें: पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में FD से जल्दी दोगुना होता है पैसा!



लोन की शर्तें
>> PPF पर लोन अकाउंट खुलने के बाद तीसरे और छठे वित्त वर्ष के बीच में ले सकते हैं. यानी लोन लेने के लिए आपके अकांउट के दो वित्‍त वर्ष पूरे होना जरूरी हे.
>> जहां तक PPF से विदड्रॉल कर सकने का सवाल है तो यह अकाउंट खुलने के बाद 7वें फाइनेंशियल ईयर से शुरू होता है.
>> लोन की लिमिट दूसरे वित्‍त वर्ष के आखिर में मौजूद PPF बैलेंस के 25 फीसदी से ज्‍यादा नहीं हो सकती.
>> अकाउंट से विदड्रॉल शुरू होने के बाद आप PPF पर लोन नहीं ले सकते.
>> इसके अलावा पहला लोन चुका देने के बाद ही आप PPF पर दूसरा लोन ले सकते हैं.
>> आपको पहले लोन का प्रिन्सिपल अमाउंट यानी मूलधन चुकाना होता है, उसके बाद ब्याज. ब्याज को दो मंथली इंस्टॉलमेंट या उससे कम में भी चुकाया जा सकता है.
>> प्रिन्सिपल अमाउंट को दो या उससे ज्यादा इंस्टॉलमेंट या मंथली इंस्टॉलमेंट में चुकाया जा सकता है. ये भी पढ़ें: SBI ने MCLR दरों को लेकर लिया ये फैसला! जानें क्या होगा आप पर असर



रखें ध्यान
>> अगर 36 माह में लोन नहीं चुका पाते हैं तो आपको PPF पर मिल रहे ब्‍याज से 6 फीसदी ज्‍यादा ब्‍याज देना होगा.
>> अगर आपने नियत समय के अंदर लोन का प्रिन्सिपल अमाउंट चुका दिया है लेकिन ब्याज का कुछ हिस्सा बाकी है तो वह आपके PPF अकाउंट से काटा जाता है.
>> लोन के लिए आपके PPF अकाउंट का चालू रहना भी जरूरी है. यानी इसमें हर साल होने वाला न्‍यूनतम निवेश जारी रहना चाहिए.

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First published: June 11, 2019, 9:00 AM IST
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