PPF अकाउंट हो गया है बंद? आपको परेशान होने की नहीं है कोई जरूरत, जानें कैसे करें दोबारा चालू

बंद हुए पीपीएफ अकाउंट को आप दोबारा चालू करा सकते हैं.
बंद हुए पीपीएफ अकाउंट को आप दोबारा चालू करा सकते हैं.

PPF अकाउंट में आप सालाना (Yearly) कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये तक का निवेश कर सकते हैं. PPF में निवेश कर छूट के लिहाज से भी काफी अहम है. इसमें निवेश पर कर कटौती का लाभ​ मिलता है. इसके अलावा मैच्योरिटी (Maturity) की रकम और ब्याज की इनकम भी कर (Tax) मुक्त होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 7:13 AM IST
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नई दिल्ली. आज महंगाई और जोखिम के दौर में पीपीएफ निवेश का एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है.यदि आपने पीपीएफ में निवेश किया है और आपका अकाउंट किसी कारणवश बंद हो गया है. तो आपको घबराने की जरुरत नहीं है. क्योंकि आपका किया गया निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और आप अपने अकाउंट को दोबारा आसानी से चालू करा सकते हैं. आइए अब हम आपको बतातें है कि कैसे आप अपना बंद पड़ा पीपीएफ अकाउंट दोबारा चालू करा सकते हैं..

कैसे होता है पीपीएफ अकाउंट में निवेश? - सबसे पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि पीपीएफ अकाउंट में निवेश किस तरह से किया जाता है. यदि आप पीपीएफ में निवेश करना चाहते है तो नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर पीपीएफ अकाउंट खोल सकते है. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा. अकाउंट खोलने के बाद आपको सालाना कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपये का निवेश 15 साल तक करना होगा. आपको बता दें एक व्यक्ति केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है. PPF में निवेश कर छूट के लिहाज से भी काफी अहम है. इसमें निवेश पर कर कटौती का लाभ​ मिलता है. इसके अलावा मैच्योरिटी की रकम और ब्याज की इनकम भी कर मुक्त होती है.

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कैसे रुक जाता है पीपीएफ खाता?- अगर पीपीएफ खाताधारक किसी वित्त वर्ष में न्यूनतम रकम खाते में नहीं डालते हैं या डालना भूल जाता है तो यह खाता रुक जाता है. पीपीएफ में 15 साल बाद मैच्योरिटी की अवधि खत्म होने पर ही अंशदाता को ब्याज सहित अपनी रकम मिलती है. यह ब्याज हर साल बैलेंस में जुड़ता है. बंद पड़े पीपीएफ खाते के साथ भी यह बात लागू है. सरकार समय-समय पर ब्याज दरें तय करती है. मैच्योरिटी की तारीख से पहले बंद पड़े पीपीएफ खाते को स्थायी रूप से बंद नहीं कराया जा सकता है. हालांकि, अगर कोई इसे चालू कराना चाहता है तो मैच्योरिटी की तारीख से पहले कभी भी यह काम किया जा सकता है. मैच्योरिटी की तारीख पीपीएफ पासबुक में होती है.
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कैसे दोबारा चालू करें खाता?- बंद पड़े पीपीएफ खाते को चालू कराने के लिए आपको उस बैंक या पोस्ट आफिस में लिखित आवेदन देना पड़ेगा जहां ये खुला है. बंद पीपीएफ अकाउंट को मैच्योरिटी यानी परिपक्वता अवधि के दौरान दोबारा शुरू कराया जा सकता है. इसके लिए 500 रुपये के साथ 50 रुपये शुल्क सालाना देना होगा. यह शुल्क प्रतिवर्ष के अनुसार देय होगा. यहां यह जान लें कि बंद अकाउंट में शेष रकम को खाता धारक की ओर से मैच्योरिटी से पहले रिवाइव नहीं किया जा सकता है.

आपको क्या करना चाहिए?- पीपीएफ में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है. यह बेहद सुरक्षित निवेश विकल्प है. इस पर सरकार का हाथ है. किसी भी सूरत में इस खाते को बंद नहीं होने दें. अगर बंद हो गया है तो तुरंत जाकर चालू कराएं. अपनी बचत को पीपीएफ और इक्विटी में डायवर्सिफाई करके लंबी अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलती है. किसी एक विकल्प पर पूरी तरह निर्भर रहने में समझदारी नहीं है.
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