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आप भी करते हैं PPF में निवेश तो जान लें ये बात, सरकार ने किए कई बदलाव

News18Hindi
Updated: December 21, 2019, 4:58 PM IST
आप भी करते हैं PPF में निवेश तो जान लें ये बात, सरकार ने किए कई बदलाव
पीपीएफ खातों के नियमों में बदलाव किया गया है.

केंद्र सरकार (Central Government) ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी कर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव की जानकारी दी है.

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  • Last Updated: December 21, 2019, 4:58 PM IST
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नई दिल्ली. हाल ही में केंद्र सरकार (Central Government) ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) को लेकर अकाउंट होल्डर्स (PPF Accountholders) के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया. छोटे सेविंग्स स्कीम्स (Small Saving Schemes) में गारंटीड रिटर्न की बात करें तो पीपीएफ आम लोगों के बीच एक बेहद ही पॉपुलर निवेश विकल्प माना जाता है.

PPF पर मिलता है 7.9 फीसदी की दर से ब्याज
पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) की मैच्योरिटी 15 साल की होती है और केंद्र सरकार हर तिमाही में इस पर मिलने वाले ब्याज दर को रिवाइज करती है. मौजूदा समय में, पीपीएफ अकाउंट पर 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है.

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नोटिफिकेशन जारी कर सरकार ने दी जानकारी
पीपीएफ बैलेंस पर मिलने वाले ब्याज (Interest Rate on PPF) को हर माह में 5 तारीख तक जो न्यूनतम रकम होती है, उसी के आधार पर तय की जाती है. हर वित्तीय वर्ष के पूरा होने के बाद खाते में पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज क्रेडिट किया जाता है. सरकार द्वारा जारी किए नए नोटिफिकेशन से जुड़ी ये पांच बातें आपको भी जरूर जाननी चाहिए.

1. नए पीपीएफ डिपॉजिट नियम के तहत, कोई भी अकाउंट होल्डर एक वित्तीय वर्ष में कुल 1.5 लाख रुपये जमा कर सकता है, जोकि 50 रुपये के मल्टीपल में होना चाहिए. नए नियम के तहत आप एक वित्तीय वर्ष में कितने बार भी ​​डिपॉजिट कर सकते हैं. इसके पहले 1 वित्तीय वर्ष में केवल 12 बार ही पैसे डिपॉजिट करने का प्रावधान था.

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2. केंद्र सरकार कुछ खास मामलों में ही अकाउंट खोलने के 5 साल के बाद प्रीमैच्योर अकाउंट को बंद करने का प्रावधान दिया है. प्रीमैच्योर अकाउंट क्लोजर कुछ जानलेवा बीमारी, उच्च शिक्षा जैसे मामलों में ही किया जाता है. अब सरकार ने इस में एक नई शर्त जोड़ दी है. इसके बाद अब अगर कोई अकाउंट होल्डर अपना आवास बदलता है तो भी उसे प्रीमैच्योर​ क्लोजिंग के लिए आवेदन किया जा सकता है. लेकिन, इसके लिए पासपोर्ट या इनकम टैक्स रिटर्न का ब्यौरा देना होगा. आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि प्रीमैच्योर क्लोजिंग के समय, खाताधारक को तय ब्याज से 1 फीसदी कम ब्याज मिलता है.

3. पीपीएफ अकाउंट की मदद से अकाउंटहोल्डर को लोन मिल सकता है. नए नियम के तहत, अब यह लोन पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज से एक फीसदी ही कम होगा. इसके पहले 2 फीसदी कम ब्याज पर लोन देने का प्रावधान है. अगर अकाउंट होल्डर की मौत हो जाती है तो नॉमिनी को यह ब्याज भरना होगा.

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4. इसके अतिरिक्त, डिपार्टमेंट ऑफ़ पोस्ट ने एक नोटिफिकेशन के जरिए जानकारी दी है कि पीपीएफ अकाउंट में पोस्ट ऑफ़ सेविंग्स अकाउंट के चेक डिपॉजिट की अनुमति दे दी गई है. यह किसी भी होम ब्रांच पोस्ट ऑफिस से ओवरऑल लिमिट के आधार पर तय होगा. पहले यह लिमिट 25 हजार रुपये की होगी. यही नियम पोस्ट ऑफ़ रिकरिंग डिपॉजिट, पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि अकाउंट्स के लिए भी होगा.

5. CBS Post Office द्वारा जारी किया गया AII POSB चेक को ​क्लियरिंग के लिए नहीं भेजना होगा. POSB चेक को सभी सर्विस आउटलेट्स में एक्सेप्ट किया जाएगा.

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First published: December 21, 2019, 3:41 PM IST
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अपडेटेड: April 09 (08:00 AM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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