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PPF Vs NPS: ज्यादा रिटर्न के लिए कौन-सी स्कीम है फायदेमंद, इनवेस्टमेंट से पहले जान लें

PPF Vs NPS: ज्यादा रिटर्न के लिए कौन-सी स्कीम है फायदेमंद, इनवेस्टमेंट से पहले जान लें

काफी पॉपुलर है ये दो स्कीम्स

काफी पॉपुलर है ये दो स्कीम्स

रिटायरमेंट के मकसद निवेश के लिए दो सरकारी स्‍कीम्‍स पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) नौकरीपेशा लोगों के बीच काफी पॉपुलर है. PPF में कोई भी निवेश कर सकता है. वहीं, सरकार की तरफ से नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) चलाई जा रही है. जानते हैं इनकी डीटेल...

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नई दिल्ली. अगर आप रिटायरमेंट के लिए निवेश करना चाहते हैं तो सरकार की ये दो स्कीम आपको बेहतर रिटर्न दे सकती है. बता दें कि एक अच्‍छा-खासा रिटायरमेंट कॉपर्स बनाने के लिए जरूरी है कि हमें नौकरी शुरू करने के साथ ही रिटायरमेंट प्‍लानिंग शुरू कर देनी चाहिए.

रिटायरमेंट के मकसद निवेश के लिए दो सरकारी स्‍कीम्‍स पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) नौकरीपेशा लोगों के बीच काफी पॉपुलर है. PPF में कोई भी निवेश कर सकता है. वहीं, सरकार की तरफ से नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) चलाई जा रही है. जानते हैं इनकी डीटेल…

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नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension System)
नेशनल पेंशन स्कीम के लिए खाता आप किसी भी बैंक, पोस्ट ऑफिस या इंश्‍योरेंस कंपनी में खोल सकते हैं. एनपीएस अकाउंट की मैच्‍योरिटी पर निवेशक को कम से कम 40 फीसदी रकम एन्‍युटी में लगानी होती है. इसी रकम से सब्‍सक्राइबर को पेंशन मिलती है. एन्युटी आपके और इंश्योरेंस कंपनी के बीच एक अनुबंध होता है. इस अनुबंध के तहत नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में कम से कम 40 फीसदी रकम का एन्युटी खरीदना जरूरी होता है. यह रकम जितनी अधिक होगी, पेंशन की रकम उतनी ही अधिक होगी.

एन्युटी के तहत निवेश की गई रकम रिटायरमेंट के बाद पेंशन के रूप में मिलती है और एनपीएस की शेष राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है. हालांकि, यह पेंशन टैक्स दायरे में आता है. इसमें रिटर्न फिक्स नहीं होता है. यह फंड की ओर से इक्विटी और डेट में निवेश से हासिल होने वाले रिटर्न पर निर्भर करता है.

NPS का फायदा
NPS की मैच्योरिटी पर 60 फीसदी रकम टैक्‍स फ्री होती है. महज 40 फीसदी रकम पर टैक्स लगता है. सरकारी कर्मचारियों के एनपीएस अकाउंट में अंशदान की लिमिट 14 फीसदी है. आप इस स्कीम के तहत टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं. सेक्शन 80CCE के तहत टैक्स छूट की लिमिट 1.5 लाख है.

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public provident fund)
PPF 15 साल की सेविंग स्कीम है. इस पर ब्याज दर सरकार की ओर से हर तिमाही में तय होती है. फिलहाल ब्याज दर 7.1 फीसदी है. अगर आप हर साल 1.5 लाख पीपीएफ में जमा करते हैं, तो 15 साल के बाद 7.1 फीसदी की ब्याज दर से यह 40.68 लाख रुपये हो जाएगी. मैच्योरिटी की यह रकम टैक्स फ्री है. इसके बाद पीपीएफ को पांच साल के ब्लॉक में आगे भी जारी रखा जा सकता है. महंगाई और पीपीएफ के प्री-टैक्स रिटर्न को देखें तो अभी भी यह बेहतरीन निवेश इंस्टूमेंट है. पीपीएफ लंबी अवधि में रिटायरमेंट फंड बनाने का अच्‍छा तरीका है. हालांकि, इसमें मंथली पेंशन का कोई प्रावधान नहीं है.

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मैच्‍योरिटी पर मिलने वाला अमाउंट और ब्‍याज भी टैक्‍स फ्री
PPF अकाउंट में हर साल मैक्सिमम 150000 रुपये जमा कर सकते हैं. PPF में निवेश पर इनकम टैक्‍स के सेक्शन 80C के तहत टैक्‍स डिडक्शन मिलती है. इसमें मैच्‍योरिटी पर मिलने वाला अमाउंट और ब्‍याज भी टैक्‍स फ्री होता है. PPF का मैच्‍योरिटी पीरियड 15 साल है. हालांकि, 7 साल बाद इसमें प्री-मैच्‍योर विद्ड्रॉल किया जा सकता है. पीपीएफ पर अभी 7.1 फीसदी सालाना ब्‍याज मिल रहा है. इसमें कम्‍पाउंडिग सालाना होती है.

Tags: Investment and return, NPS, PPF, PPF account

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