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सरकार के साथ मिलकर सिर्फ ₹2.50 लाख रुपये में शुरू करें अपना बिजनेस

News18Hindi
Updated: January 8, 2020, 4:48 PM IST

आम आदमी पर दवा के खर्च को कम करने के लिए मोदी सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना (Jan Aushadhi Yojana) शुरू की थी. जनऔषधि केंद्रों पर (Jan Aushadhi Kendra) जेनरिक दवाएं 90 फीसदी तक सस्ती मिलती हैं. सरकार लोगों को जनऔषधि केंद्र खोलने का अवसर भी दे रही है.

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  • Last Updated: January 8, 2020, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. आप भी अगर अपना कारोबार शुरू करना चाहता है तो आपके पास बेहतर मौका है. क्योंकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सस्ती दवाएं बेचने का मेडिकल स्टोर खोलने के लिए 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है. देशभर में अब तक साढ़े पांच हजार से ज्यादा जेनेरिक मेडिकल स्टोर यानी जनऔषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) खुल चुकी हैं. आपको बता दें कि आम आदमी पर दवा के खर्च को कम करने के लिए मोदी सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (Jan Aushadhi Yojana) शुरू की थी. इसके जरिए सरकार का उद्देश्य देश के दूरदराज इलाकों तक लोगों को सस्ती दवा पहुंचाना है. जनऔषधि केंद्रों पर (Jan Aushadhi Kendra) जेनरिक दवाएं 90 फीसदी तक सस्ती मिलती हैं. सरकार का जेनरिक दवाओं का प्रचलन बढ़ाने पर जोर है. इसके लिए सरकार लोगों को जनऔषधि केंद्र खोलने का अवसर भी दे रही है.

देश भर में फिलहाल 5,500 जनऔषधि केंद्र खुल चुके हैं. सरकार (Government) ने अपने जनऔषधि केंद्रों (Jan Aushadhi Kendra) पर बिकने वाले सैनिटरी नैपकीन (Sanitary Napkin) की कीमत घटाकर 1 रुपये प्रति पैड कर दी है. फिलहाल इसकी कीमत 2.50 रुपये है.

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आइए जानें Jan Aushadhi Kendra के बारे में सबकुछ...

सवाल-  जन औषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) कैसे खुलता है?
जवाब- जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू करने में 2.50 लाख रुपये का ही खर्च आता है. और इस तरह से पूरा खर्च सरकार खुद उठा रही है. सरकार ने जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू करने के लिए तीन तरह की कैटेगरी बनाई है.

(1) पहली कैटेगरी के तहत काई भी व्यक्ति, बेरेागार फार्मासिस्ट, डॉक्टर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशन स्टोर शुरू कर सकता है.(2)  दूसरी कैटेगरी के तहत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी सेल्फ हेल्प ग्रुप को अवसर मिलेगा.

(3)  तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसीज होंगी.

इसके लिए 120 स्क्वैयर फीट एरिया में दुकान होनी जरूरी है. स्टोर शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से 900 दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी.

सवाल-  जन औषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) कौन खोल सकता है?
जवाब- कोई भी व्यक्ति या कारोबारी, अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर PMJAY के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन कर सकता है. PMJAY के तहत SC, ST एवं दिव्यांग आवेदकों को औषधि केंद्र खोलने के लिए 50,000 रुपये मूल्य तक की दवा एडवांस में दी जाती है. PMJAY में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जाती है.



अगर आप खुद आवेदन कर रहे हैं तो अपने आधार (Aadhaar) व पैन कार्ड (Pan Card) की जरूरत होगी. अगर कोई गैर सरकारी संगठन (NGO), फार्मासिस्ट, डॉक्टर, और मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करता है तो उसे आधार, पैन, संस्था बनाने का सर्टिफिकेट एवं उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देना होगा. PMJAY के तहत औषधि केंद्र खोलने के लिए आपके पास कम से कम 120 वर्गफीट की जगह होनी चाहिए.

सवाल- इन स्टोर्स के जरिए कितनी होगी कमाई?
जवाब- 
जेनेरिक मेडिकल स्टोर के जरिए महीने में जितनी दवाइयों की बिक्री होगी, उसका 20 फीसदी कमीशन के रूप में मिलेगा. इस लिहजा से अगर आपने महीने में 1 लाख रुपये की भी बिक्री की तो उस महीने में आपको 20 हजार रुपये की कमाई हो जाएगी.

(1) दवा की प्रिंट कीमत पर 20% तक का मुनाफा
(2) 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय मदद
(3) जन औषधि केंद्र को 12 महीने की बिक्री का 10% अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा. यह रकम हालांकि अधिकतम 10,000 रुपये हर महीने होगी.
(4) उत्तर पूर्वी राज्य, नक्स्ल प्रभावित इलाके, आदिवासी क्षेत्रों में यह इंसेंटिव 15% हो सकती है.
(5) यहां भी रुपये के संदर्भ में यह रकम अधिकतम 15,000 रुपये हो सकती है.

सवाल- कैसे करना होगा आवेदन?
जवाब- जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए आप https://janaushadhi.gov.in/ पर जाकर फार्म डाउनलोड कर सकते हैं. आवेदन को ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (BPPI) के जनरल मैनेजर (A&F)के नाम से भेजना होगा. ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया का एड्रेस जनऔषधि की वेबसाइट पर और भी जानकारी उपलब्ध है. इसके अलावा आप ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते हैं.

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First published: January 8, 2020, 3:28 PM IST
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