PMFBY- 72 घंटे में रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के खाते में ही आएंगे इस स्कीम के पैसे, जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब

PMFBY- 72 घंटे में रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों के खाते में ही आएंगे इस स्कीम के पैसे, जानिए इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana-PMFBY)

खरीफ-2020 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana-PMFBY) के अंतर्गत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है. आइए जानें इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब...

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नई दिल्ली. मानसून के इस सीजन में कई जगह पर भारी बारिश हो रही है. वहीं, कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालत बने हुए है. ऐसे में सरकार किसानों की मदद के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana-PMFBY) चला रही है. इसमें रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2020 है. आप किसान हैं और आप अपनी फसल का बीमा कराना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ जरूरी कागजातों की जरूरत होती है. इनमें किसान का पहचान पत्र जैसे-पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस योजना को 13 जनवरी 2016 को शुरू किया गया था. इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है. 80 फीसदी से ज्यादा राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देती है.



बुवाई से लेकर कटाई तक का जोखिम कवर- भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी या AIC) इस योजना को चलाती है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फसलों की बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक बहुत से जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है. वार्षिक, वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए प्रीमियम दर 5 फीसदी राखी गई है. बाकी की राशि सरकार द्वारा वहां की जाती है.



किस तरह से इस योजना का लाभ लिया जा सकता है, किन दस्तावेजों की जरुरत होती है, किन बातों का ख़ास ख्याल रखना होता है और किस तरह से इसके लिए अप्लाई किया जा सकता है. इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं...

  • सवाल - बीमा कराने के क्या फायदे हैं

    जवाब - किसानों की खेती में रुचि बनाये रखने के प्रयास एवं उन्हें स्थायी आमदनी उपलब्ध कराना. फसल में से किसी नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता देना.


  • सवाल - क्या है बीमा की अंतिम तिथि

    जवाब - खरीफ की फसल के लिए बीमा की अंतिम तिथि लगभग सभी राज्यों में31 जुलाई रखी गई है. साथ ही जो किसान बीमा नहीं कराना चाहते वो 1 सप्ताह पहले बैंक में जाकर इस सूचना दे सकते हैं. लेकिन सुरक्षा को देखते हुए बीमा कराना जरुरी है.


  • सवाल - खरीफ की फसल में कौन सी फसल शामिल हैं

    जवाब - खरीफ की फसल में ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर, चना और सोयाबीन के अलावा टिल, धान, कप्स, मोठ और मूंगफली शामिल हैं.


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  • सवाल - PMFBY का फॉर्म कहां से लिया जा सकता है

    जवाब - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों तरीके से फॉर्म लिए जा सकते हैं. अगर आप फॉर्म ऑफलाइन लेना चाहते हैं तो अपने नजदीकी बैंक की ब्रांच में जाकर फसल बीमा योजना का फॉर्म भर सकते हैं. ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए PMFBY की वेबसाइट से भर सकते हैं.


  • सवाल - बीमा कराने के लिए किन डाक्यूमेंट की पड़ेगी जरुरत

    जवाब - किसान की एक फोटो, आईडी कार्ड (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड), एड्रेस प्रूफ साथ में खेत का खसरा नंबर (अगर स्वयं का है तो). इसी के किसान सरपंच या पटवारी से खेत में बुआई हुई है ये लिखा पेपर.


  • सवाल - यदि खेत खुद का ना हो, उस स्थिति में क्या करें

    जवाब - जिसके खेत में बुआई की गई है उसके साथ करार की कॉपी की फोटोकॉपी जरूर ले जायें. इस पेपर में खेत का खाता/ खसरा नंबर साफ तौर पर लिखा होना चाहिए. पैसा सीधे आपके बैंक खाते में पाने के लिए एक रद्द चेक लगाना जरूरी है.


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  • सवाल - कितने दिनों के अंदर फॉर्म भरना है जरूरी

    जवाब - फसल की बुआई के 10 दिनों के अंदर आपको PMFBY का फॉर्म भरना जरूरी है. फसल काटने से 14 दिनों के बीच अगर आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है, तब भी आप बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं.


  • सवाल - कैसे रहेगी पारदर्शिता

    जवाब - भारत सरकार ने हाल ही में बेहतर प्रशासन, विभिन्न एजेंसियों के बीच सही तालमेल, इस बारे में जानकारी के प्रचार प्रसार और प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए बीमा पोर्टल शुरू किया है. साथ ही एंड्रॉयड आधारित फसल बीमा ऐप भी शुरू किया गया है, जो फसल बीमा, कृषि सहयोग और किसान कल्याण विभाग (डीएसी एवं परिवार कल्याण) की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है.


  • पिछले खरीफ सीजन में इतने किसानों ने कराया बीमा

    पिछले खरीफ सीजन में कुल 4 करोड़ 15 लाख 40 हजार किसानों ने 3 करोड़ 23 लाख 20 हजार हेक्टेयर फसलों का बीमा कराया गया था.
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