किसानों को लेकर सरकार की एक और नई तैयारी शुरू! जल्द हो सकता है इसका ऐलान

News18Hindi
Updated: June 4, 2019, 11:09 AM IST
किसानों को लेकर सरकार की एक और नई तैयारी शुरू! जल्द हो सकता है इसका ऐलान
किसानों को लेकर सरकार की एक और नई तैयारी शुरू! जल्द हो सकता है इसका ऐलान

किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा को सरल और प्रभावी बनाने के लिए कृषि मंत्रालय बड़े सुधारों की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फसल बीमा योजना के तहत किसानों के क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाने के लिए सरकार कुछ ऐसी स्पेशलाइज्ड एजेंसियों को शामिल किया जा सकता हैं.

  • Share this:
किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा को सरल और प्रभावी बनाने के लिए कृषि मंत्रालय बड़े सुधारों की तैयारी कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फसल बीमा योजना के तहत किसानों के क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाने के लिए सरकार कुछ ऐसी स्पेशलाइज्ड एजेंसियों को शामिल किया जा सकता हैं. इसके तहत ये कंपनियां पंचायत स्तर पर फसल की उपज का अनुमान लगाने के लिए सैटेलाइट, रिमोट सेंसिंग डेटा, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने की तैयारी में है. आपको बता दें कि सरकार ने दो महीने में इंश्योरेंस क्लेम को सेटल करने का आदेश दिया है. ऐसे में क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए टेक्नॉलजी के इस्तेमाल का फैसला और भी अहम हो जाता है.

क्या है नया प्लान
बिज़नेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, सरकार आगामी खरीफ सीजन में आठ फसलों की उपज का आंकलन करेगी, जिसमें धान, मक्का, ज्वार, सोयाबीन, बाजरा, कपास, मूंगफली और ग्वार शामिल हैं.

>> जिले के कम से कम 10 पंचायतों को कवर करने वाली तीन फसलों पर विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों के तीन राज्यों में कम से कम पांच जिलों में अध्ययन किया जाएगा. इस रिपोर्ट को फरवरी 2020 तक पेश किया जाएगा.

>> पिछले साल सितंबर में दो महीने की तय समय सीमा में भुगतान नहीं कर पाने वाली इंश्योरेंस कंपनियों पर 12 फीसदी की पेनल्टी लगाई गई थी. (ये भी पढ़ें-मोदी सरकार की योजना 6000 रुपये चाहिए तो करें ये काम..)

>> उसके बाद से कई राज्यों में इस मामले में काफी सुधार हुआ है और किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है.

 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानिए
Loading...

>> हर साल प्राकृतिक आपदा के चलते भारत में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. बाढ़, आंधी, ओले और तेज बारिश से उनकी फसल खराब हो जाती है.

>> उन्हें ऐसे संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की है. इसे 13 जनवरी 2016 को शुरू किया गया था.(ये भी पढ़ें-इस वजह से महंगा है आम, अगले 10 दिन में इतने रुपए होगा सस्ता)

>> इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.



>> PMFBY में प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसल के मामले में बीमा प्रीमियम को बहुत कम रखा गया है. इससे PMFBY तक हर किसान की पहुंच बनाने में मदद मिली है.

>> PMFBY योजना वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसमें हालांकि किसानों को 5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.

>> योजना के उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कीड़े और रोग की वजह से सरकार द्वारा अधिसूचित फसल में से किसी नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता देना. किसानों की खेती में रुचि बनाये रखने के प्रयास एवं उन्हें स्थायी आमदनी उपलब्ध कराना.

>> किसानों को कृषि में इन्नोवेशन एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना. कृषि क्षेत्र में ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना.

कहां मिलेगा फॉर्म- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए ऑफलाइन (बैंक जाकर) और दूसरा ऑनलाइन, दोनों तरीके से फॉर्म लिए जा सकते हैं.

कृषि मंत्रालय, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सरकार, मोदी सरकार, किसानों, बिजनेस न्यूज हिंदी

>> फॉर्म ऑनलाइन भरने के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं-अगर आप फॉर्म ऑफलाइन लेना चाहते हैं तो नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर फसल बीमा योजना (PMFBY) का फॉर्म भर सकते हैं.

>> PMFBY के लिए किन दस्तावेजों की है जरूरत? किसान की एक फोटो किसान का आईडी कार्ड (पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड) किसान का एड्रेस प्रूफ (ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड) अगर खेत आपका अपना है तो इसका खसरा नंबर / खाता नंबर का पेपर साथ में रखें.

>> खेत में फसल की बुवाई हुई है, इसका सबूत पेश करना होगा. इसके सबूत के तौर पर किसान पटवारी, सरपंच, प्रधान जैसे लोगों से एक पत्र लिखवा ले सकते हैं. अगर खेत बटाई या किराए पर लेकर फसल की बुवाई की गयी है, तो खेत के मालिक के साथ करार की कॉपी की फोटोकॉपी जरूर ले जायें.

>> इसमें खेत का खाता/ खसरा नंबर साफ तौर पर लिखा होना चाहिए. फसल को नुकसान होने की स्थिति में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में पाने के लिए एक रद्द चेक लगाना जरूरी है.

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 4, 2019, 11:05 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...