PMJDY में खोले गए 40.35 करोड़ बैंक खाते, 2 लाख के इंश्योरेंस समेत मुफ्त में मिलती है ये 11 सर्विस

 प्रधानमंत्री जनधन योजना का आज छठी वर्षगांठ (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana completes 6 years) है.

प्रधानमंत्री जनधन योजना का आज छठी वर्षगांठ (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana completes 6 years) है.

Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana completes 6 years- जनधन खाताधारकों की दुर्घटना बीमा राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है. विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 10:10 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री जनधन योजना का आज छठी वर्षगांठ (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana completes 6 years) है. साल 2014 को आज ही के दिन इस योजना को लांच किया गया था. 6 साल के सफर में इस योजना ने गरीबों,महिलाओं,बुजुर्गों किसानों और मजदूरों को उल्लेखनीय लाभ पहुंचाया है. 19 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत 40.35 करो़ड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं. योजना के तहत खोले गये बैंक खातों में से 63.6 फीसदी खाते ग्रामीणों के लिए खोले गये. यहीं नहीं आधे से अधिक 55.2 फीसदी जनधन बैेंक खाते महिलाओं के लिए खोला गया है.

इस अकाउंट के साथ मिलते है 11 फायदे

(1) जनधन खाता फ्री में खोला जाता है और इसमें कोई मिनिमम बैलेंस नहीं रखना पड़ता है.

(2) 6 महीने बाद ओवरड्राफ्ट सुविधा मिलती है.
(3) 2 लाख रुपये तक एक्सिडेंटल इंश्योरेंस कवर मिलता है.

(4) 30,000 रुपये तक का लाइफ कवर, जो लाभार्थी की मृत्यु पर योगयता शर्ते पूरी होने पर मिलता है.

(5) डिपॉजिट पर ब्याज मिलता है.



(6) खाते के साथ फ्री मोबाइल बैंकिंग की सुविधा भी दी जाती है.

(7) जन धन खाता खोलने वाले को रुपे डेबिट कार्ड दिया जाता है जिससे वह खाते से पैसे निकलवा सकता है या खरीददारी कर सकता है.

(8) जनधन खाते के जरिए बीमा, पेंशन प्रोडक्ट्स खरीदना आसान है.

(9) जनधन खाता है तो पीएम किसान और श्रमयोगी मानधन जैसी योजनाओं में पेंशन के लिए खाता खुल जाएगा.

(10) देश भर में पैसों के ट्रांसफर की सुविधा दी जाती है.

(11) सरकारी योजनाओं के फायदों का सीधा पैसा खाते में आता है.



कोविड 19 संकट के दौरान संकट मोचक साबित हो रहा है जनधन बैंक खाता-कोविड 19 संकट के बीच गरीबों,महिलाओं,बुजर्गों ,किसानों और मजदूरों को मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की थी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी 26 मार्च 2020 को घोषणा करते हुए कहा था कि महिला जनधन खाताधारकों को तीन महिने अप्रैल,मई और जून के लिए 500 रुपये प्रति माह का वित्तीय सहायता राशी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किया जायेगा.अप्रैल-जून 2020 के दौरान महिला जनधन खाताधारकों को 30,705 करोड़ रुपये धनराशि वित्तीय सहायता के तौर पर ट्रांसफर किया गया. इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं मसलन पीएम किसान,मनरेगा,जीवन व स्वास्थ्य बीमा का लाभ,लाभार्थियों तक डीबीटी के माध्यम से पहुंचाने में यह योजना कारगर साबित हो रहा है.

86 फीसदी से अधिक जनधन खाते है ऑपरेटिव-40.35 करोड़ जनधन बैंक खातों में से 86.3 फीसदी यानि 34.81 करोड़ बैंक खाते ऑपरेटिव है. आरबीआई के दिशानिर्देश के मुताबिक उन जनधन खातों को इन-ऑपरेटिव माना जायेगा जिनके बैंक खातों से 2 सालों से लेन-देन नहीं हुआ है. यहीं नहीं जनधन खाताधारकों की सहूलियत के लिए बैंकों ने जनधन दर्शक मोबाईल एप भी लांच किया. जिससे बैंक ब्रांचों,एटीएम,बैंक मित्र,पोस्ट ऑफिस का लोकेशन एक टच से पता लगाया जा सकता है.इस ऐप में 8 लाख टच प्वाइंट को जीआईएस से एक्सेस किया जा सकता है.



पिछले छह सालों में करीब ढाई गुणा बैंक खाते खोले गए-प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लगातार बैंक खाता खोलने की संख्या में इजाफा हो रहा है. अगस्त 2015 यानि पहले साल में 17.90 करोड़ बैंक खाते खोले गये थे जो अगस्त 2016 में बढ़कर 24.10 करोड़,अगस्त 2017 में 30.09 करोड़,अगस्त 2018 में 32.54 करोड़,अगस्त 2019 में 36.79 करोड़ और अगस्त 2020 में यह बढ़कर 40.35 करोड़ से अधिक हो गया हैं.

6 सालों में बैंक खातों में ढाई गुना ज्यादा धन राशि जमा की गई-प्रधानमंत्री जनधन योजना के बैंक खातों में धन की डिपोजि(जमा) बढ़ रही है. अगस्त 2015 में 1779 रुपये, अगस्त 2016 में 1747 रुपये,अगस्त 2017 में 2187 रुपये,अगस्त 2018 में 2521 रुपये,अगस्त 2019 में 2783 रुपये,अगस्त 2020 में 3239 रुपये प्रति बैंक खाता जमा हुआ है. आंकड़ों पर गौर करे तो औसतन 3239 रुपये प्रति बैंक खाता धन जमा किया गया है. अगस्त 2015 की तुलना में करीब 2.5 गुणा अधिक धन राशि जमा की गई है.

6 साल में दोगुने रुपे कार्ड जारी किए गये-जनधन बैंक खातों के लिए रुपे कार्ड जारी करने की गति लगातार तेज हो रही है.अगस्त 2015 में 15.74 करोड़,अगस्त 2016 में 19 करोड़,अगस्त 2017 22.75,अगस्त 2018 में 24.51,अगस्त 2019 में 29.15 और अगस्त 2020 में 29.75 करोड़ बैंक खातों के लिए रूपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं. आंकडों पर गौर करे दो पिछले 6 सालों मे करीब दोगुणा रुपे कार्ड जारी किया गया है.



पीएमजेडीवाई के सामने आगे ये है चुनौतियां-प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गये बैंक खातों के लिए आगे कई चुनौतियां भी मौजूद है. खाताधारकों को माइक्रो इंसुरेेंस स्कीम के तहत लाना.खाताधारकों को पीएमजेजेबीवाई और पीएमजेडीवाई के तहत दायरे में लाना भी एक चुनौतिपूर्ण काम है. सरकार ने इसके लिए बैंकों को निर्देश दे दिया है. जनधन खाताधारकों को अधिक से अधिक रुपे कार्ड जारी करना ताकि डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा सके.खाताधारकों को माइक्रो क्रेडिट और माइक्रो इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार करना भी एक चुनौती बना हुआ है.

इस उद्देश्य से योजना की हुई थी शुरूआत-वित्तीय समावेशन,गरीबों-पिछडों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जो लोग बैकिंग सिस्टम से नहीं जुड़ पाये थे उन्हें बैकिंग से जोड़ने के उद्देश्य से मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरूआत की थी. केंद्र में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री जनधन योजना की घोषणा की थी. पीएम की घोषणा के बाद इस योजना को आधिकारिक तौर पर 28 अगस्त 2014 को लांच किया गया था.
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