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3 हजार रुपये मंथली पेंशन वाली इस स्कीम पर पड़ी कोरोना की मार, जुलाई में सबसे कम हुआ रजिस्ट्रेशन

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर कोरोना की मार

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर कोरोना की मार

जुलाई में पीएमएसवाईएम से सिर्फ 12,500 वर्कर्स जुड़े. यह गिरावट तब आई जब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कोरोनो वायरस (Coronavirus Pandemic) के प्रकोप के कारण नौकरी छूटने और आय कम होने की वजह से रोजी-रोटी कमाने के लिए संघर्ष करना पड़ा.

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    नई दिल्ली. पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने इन्फॉर्मल सेक्टर वर्कर्स के लिए एक पेंशन स्कीम प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan- PM-SYM) की शुरुआत की थी. इस स्कीम में 60 साल के बाद 3 हजार रुपये मंथली पेंशन देने का प्रावधान है. कोरोना काल से पहले हर महीने औसतन 1 लाख से ज्यादा वर्कर्स PM-SYM स्कीम जुड़ते थे, लेकिन अब इस स्कीम पर कोरोना महामारी की मार पड़ी है. जुलाई में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में अब तक का सबसे कम रजिस्ट्रेशन हुआ. जुलाई में पीएमएसवाईएम से सिर्फ 12,500 वर्कर्स जुड़े. यह गिरावट तब आई जब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कोरोनो वायरस के प्रकोप के कारण नौकरी छूटने और आय कम होने की वजह से रोजी-रोटी कमाने के लिए संघर्ष करना पड़ा.

    बता दें कि 15 हजार रुपये से कम कमाने वाले इस पेंशन स्कीम से 18 से 40 साल की उम्र के लोग जुड़ सकते हैं. योजना के तहत अलग-अलग उम्र के हिसाब से 55 रुपये से 200 रुपये मंथली योगदान का प्रावधान है. अगर आप इस योजना से 18 साल की उम्र में जुड़ते हें तो आपको हर महीने 55 रुपये योगदान देना होगा. वहीं, 30 साल वालों को 100 रुपये और 40 साल वालों को 200 रुपये योगदान देना होगा. अगर 18 साल की उम्र लें तो सालाना योगदान 660 रुपये होगा. ऐसा 42 साल करने पर कुल निवेश 27,720 रुपये का होगा. जिसके बाद हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन आजीवन मिलेगी. जितना योगदान खाताधारक को होगा, सरकार भी अपनी ओर से उतना ही योगदान करेगी.

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    लॉकडाउन का असर
    जुलाई में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से कम वर्कर्स के जुड़ने का सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन लगाया जाना रहा. देश में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन लगा दिया था. लॉकडाउन लगाए जाने से असंगठित क्षेत्र के कामगारों की नौकरी और आमदनी छीन गई. नौकरी जाने के चलते PM-SYM स्कीम में कामगारों का रजिस्ट्रेशन कम हो गया.

    फरवरी में पेंशन स्कीम में 1,89,000 रजिस्ट्रेशन हुआ जबकि अक्टूबर में यह 5 लाख से अधिक रहा. इसके विपरीत अप्रैल में नए नामांकन 17,000, मई में 19,000, जून में 13,900 और जुलाई में 12,560 थे.

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