44 लाख लोगों ने उठाया इस स्कीम का फायदा, 55 रुपये देकर पाएं 3000 रुपये की पेंशन

तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिली है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तीन महीने से तनख्वाह नहीं मिली है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना (PMSYM) के जरिए आप हर महीने 3,000 रुपये पेंशन पा सकते हैं. जानिए रजिस्ट्रेशन कराने का पूरा प्रोसेस?

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2020, 5:23 AM IST
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नई दिल्ली. सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए खासतौर पर स्कीम शुरू की है, जिसका नाम प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (Pradhan Mantri Shram Yogi Maandhan Yojana- PM-SYM) है. इस स्कीम के जरिए केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिटायर होने की उम्र के बाद पेंशन ऑफर कर रही है. अब तक देश के 43,68,864 लोगों ने एनरॉलमेंट करवा लिया है, जिन्हें हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलेगी. प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना दिहाड़ी और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को हर माह पेंशन देने की सबसे बड़ी स्कीम है.

55 रुपये से 200 रुपये तक रहेगी किस्त
इस स्कीम में उम्र के हिसाब से योगदान की राशि में फर्क आएगा. यदि कोई 18 साल की उम्र से इस स्कीम को शुरू करता है तो उसे हर महीने 55 रुपये जमा करना होंगे. 29 साल की उम्र वाले कामगारों को हर महीने 100 रुपये और 40 साल की उम्र वालों को 200 रुपये का योगदान देना पड़ेगा. 18 साल से 40 साल तक की उम्र वाले मानधन योजना में शामिल हो सकेंगे. इस योजना से जुड़ने वाले व्यक्ति की महीने में आमदनी 15 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.

कितना करना होगा योगदान
>> आप 18 वर्ष के हैं, तो 60 वर्ष की आयु से 3,000 रुपये पेंशन के लिए हर महीने 55 रुपये निवेश जरूरी.


>> आप 29 वर्ष के हैं, तो 60 वर्ष की आयु से 3,000 रुपये पेंशन के लिए हर माह 100 रुपये का निवेश.
>> आप 40 वर्ष के हैं, तो 60 वर्ष की आयु से 3,000 रुपये पेंशन के लिए हर महीने 200 रुपये का निवेश करना होगा. ये भी पढ़ें: बैंक या शेयर में नहीं बल्कि ऐसे करें बचत, पूरा हो जाएगा करोड़पति बनने का सपना



चाहिए सिर्फ तीन दस्तावेज
1. आधार कार्ड
2. बचत खाता/जनधन खाता, साथ में IFSC कोड
3. मोबाइल नंबर

इन्हें नहीं मिलेगा फायदा
संगठित क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति या कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) या राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ESIC) के सदस्य या आयकर का भुगतान करने वाले लोग इस स्कीम के लिए योग्य नहीं हैं.

फैमिली पेंशन स्कीम वो होती हैं, जिसमें पति की मौत के बाद पत्नी को पेंशन ट्रांसफर हो जाती है. मतलब पेंशन स्कीम के तहत पत्नी को बतौर नॉमिनी रखा जाता है. इसका फायदा यह होता है कि अगर 60 साल के बाद पति की मौत हो जाती है, तो सरकारी पेंशन स्कीम की तरह पत्नी को पेंशन की आधी रकम यानी 50 प्रतिशत दी जाएगी. वहीं पति की 60 साल से पहले मौत होने पर पत्नी को पूरी पेंशन मिलती है.

योगदान न देने पर क्या करना होगा
अपने हिस्से का योगदान करने में चूक होने पर पात्र सदस्य को ब्याज के साथ बकाया राशि का भुगतान करके कॉन्ट्रिब्यूशन को नियमित करने की अनुमति होगी. यह ब्याज सरकार तय करेगी. यदि सब्सक्राइबर जुड़ने की तारीख से 10 साल के अंदर स्कीम से पैसा निकालने का इच्छुक है तो उसे केवल उसके हिस्से का योगदान बचत खाते की ब्याज दर पर लौटाया जाएगा.

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अगर सब्सक्राइबर स्कीम से 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र से पहले निकलता है तो उसे पेंशन स्कीम में कमाए गए वास्तविक ब्याज के साथ उसके हिस्से का योगदान लौटाया जाएगा.

यहां कराएं रजिस्ट्रेशन
प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना का रजिस्ट्रेशन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के सभी कार्यालयों, बीमा एजेंटों, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के ऑफिस और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के कार्यालयों में कराया जा सकेगा. अगर आपने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है तो यही आपका आवेदन होगा. आप इस योजना की जानकारी 1800 267 6888 टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं.
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