जल्द बढ़ सकते हैं टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम, नये रेट के ऐलान से पहले कर लें ये काम

मासिक पेमेंट विकल्प से प्रीमियम के बढ़ते बोझ को कम किया जा सकता है.

मासिक पेमेंट विकल्प से प्रीमियम के बढ़ते बोझ को कम किया जा सकता है.

रि-इंश्योरर्स द्वारा प्रीमियम दरें बढ़ाने के बाद अब इंश्योरेंस कंपिनयां भी टर्म इंश्योरेंस प्लान्स के प्रीमियम बढ़ाने वाली है. पिछले एक साल के दौरान कई कंपनियों ने यह बोझ ग्राहकों पर न डालकर खुद वहन किया. अब ये कंपनियां बहुत जल्द टर्म प्लान्स के प्रीमियम का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी.

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नई दिल्ली. टर्म इंश्योरेंस प्लान्स के प्रीमियम (Term Insurance Premiums) अब बढ़ने वाले हैं. कई इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर्स अब इश्योरेंस प्रीमियम बढ़ाने की तैयारी में है. जानकारों का कहना है कि रि-इंश्योरेंस प्लेयर्स ने प्रीमियम दरों को बढ़ा दिया है. घरेलू इंश्योरेंस कंपनियों के प्रोटेक्शन प्लान्स को रि-इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा ही सपोर्ट किया जाता है.

प्रोबस इंश्योरेंस के निदेशक राकेश गोयल का कहना है कि ​बीते एक साल के दौरान टर्म इंश्योरेंस प्लान्स पर प्रीमियम दरों में बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2020-21के दौरान टर्म इंश्योरेंस प्लान्स के प्रीमियम में यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि रि-इंश्योरर्स ने दरें बढ़ा दी हैं.

बढ़ती दरों का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी इंश्योरेंस कंपनियां
पॉलिसीएक्स के संस्थापक नवल गोयल ने CNBC-TV18 को बताया, 'रि-इंश्योरर्स ने अप्रैल 2020 में कीमतें बढ़ानी शुरू की थी. इसके बाद से इंश्योरर द्वारा प्राइसिंग इन्हीं रि-इंश्योरर पर निर्भर कर रही है. कुछ इंश्योरेंस कंपनियों ने इसमें सुधार का इंतजार किया या खुद ही बढ़ते प्रीमियम का बोझ उठाया. लेकिन अब उम्मीद की जा रही है ऐसे इंश्योरेर भी बढ़ती कीमतों का बोझ अपने ग्राहकों पर डालेंगे. यही कारण है कि संभावित रूप से अब इंश्योरेंस प्लान्स का प्रीमियम बढ़ने वाला है.'
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मृत्यु दर बढ़ने से क्लेम की संख्या भी बढ़ी
रिन्यूबाई के प्रिंसिपल ऑफिसर और सह-संस्थापक इंद्रनील चटर्जी भी इस बात से सहमत होते हैं. चटर्जी बताते हैं, 'पिछले साल, किसी ने भी प्रीमियम दरें नहीं बढ़ाई. कुछ इंश्योरेंस कंपनियों ने दरों में 5 से 40 फीसदी तक की गई, वहीं कुछ ने ऐसा नहीं किया है. इस साल, कोरोना वायरस महामारी की वजह से मृत्यु दर अनुमानित प्रीमियम कैलकुलेशन की तुलना में अधिक रहा. बढ़ते मृत्यु दर के साथ क्लेम्स के संख्या भी बढ़ रही है. इससे रि-इंश्योरर्स पर प्रीमियम दरें बढ़ाने का दबाव है. इससे इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा ऑफर किए जाने वाले प्रीमियम पर भी असर पड़ेगा.'

उन्होंने कहा कि बचत करने का सबसे बेहतरीन तरीका यही होगा कि आप अपनी जरूरत के हिसाब से इंश्योरेंस प्लान को चुनें ताकि अधिक से अधिक फायदा मिल सके. प्रीमियम की रकम के बोझ को हल्का करने का एक तरीका यह भी है कि आप मासिक पेमेंट विकल्प को चुनें.

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रेट ऐलान होने से पहले बढ़ा लें कवरेज
हर किसी के लिए टर्म इंश्योरेंस एक बेहतर महत्वपूर्ण इंश्योरेंस टूल होता है. इ​सीलिए लगातार सुझाव दिया जाता है कि कम उम्र में ही टर्म पॉलिसी ले ली जाए. दरअसल, कम उम्र में टर्म पॉलिसी के लिए प्रीमियम की दरें कम होती हैं. चटर्जी सुझाव देते हैं कि नये रेट के ऐलान होने से पहले ही ग्राहक टर्म प्लान खरीद लें या अपने कवरेज को बढ़ा लें.
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