किसानों की आमदनी बढ़ाने पर खर्च होंगे 90 हजार करोड़, राष्ट्रपति ने बताया मोदी सरकार का एजेंडा

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में मोदी सरकार के अगले पांच साल के एजेंडे को संसद के सामने रखा. उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार 900 अरब रुपये (90,000 करोड़) और खेत की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

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Updated: June 20, 2019, 2:02 PM IST
किसानों की आमदनी बढ़ाने पर खर्च होंगे 90 हजार करोड़, राष्ट्रपति ने बताया मोदी सरकार का एजेंडा
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा-किसानों की आमदनी बढ़ाने पर खर्च होंगे 90 हजार करोड़
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Updated: June 20, 2019, 2:02 PM IST
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में मोदी सरकार के अगले पांच साल के एजेंडे को संसद के सामने रखा. उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार 900 अरब रुपये (90,000 करोड़) और खेतों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता किसान हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक विकास जैसे अहम मामलों पर सरकार की प्रतिबद्धता को सामने रखा. राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुआई में NDA सरकार पिछले दिनों प्रचंड बहुमत के साथ दोबारा सरकार में आई. उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में सरकार का फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है.

राष्ट्रपति ने अपना भाषण हिंदी में दिया है. उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीण सेक्टर मजबूत रहा तभी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है. केंद्र सरकार इस दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि खेतों की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार 25 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी.

>> इसके अलावा 900 अरब रुपये PM-किसान स्कीम के तहत खर्च करेगी. इस स्कीम का ऐलान अंतरिम बजट में किया गया था. मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 75,000 करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च होगा.

>> नई सरकार बनने के बाद अपनी पहली कैबिनट मीटिंग में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह इस योजना को विस्तार दे सकते हैं. राष्ट्रपति कोविंद ने यह भी कहा कि पानी की मुश्किल दूर करने की दिशा में भी सरकार काम करेगी.

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राष्ट्रपति ने बताया मोदी सरकार का एजेंडा

(1) किसानों की आय दोगुनी- साल 2022 तक देश के किसानों की आय दोगुनी हो सके, इसके लिए पिछले 5 साल में अनेक कदम उठाए गए हैं. आज भारत मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर है. हमारे देश में प्रथम स्थान पाने की क्षमता है. इसीलिए सरकार, ‘ब्लू रिवोल्यूशन’ यानी ‘नीली क्रांति’ के लिए प्रतिबद्ध है.
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(2) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत, स्वरोजगार के लिए लगभग 19 करोड़ ऋण दिए गए हैं. इस योजना का विस्तार करते हुए अब 30 करोड़ लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. उद्यमियों के लिए बिना गारंटी 50 लाख रुपये तक के ऋण की योजना भी लाई जाएगी.

(3) स्टार्टअप-भारत आज दुनिया के सबसे अधिक स्टार्ट-अप वाले देशों में शामिल हो गया है. हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2024 तक देश में 50 हजार स्टार्ट-अप स्थापित हों.

(4) भारत, GDP की दृष्टि से दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. GST के लागू होने से ‘एक देश, एक टैक्स, एक बाजार’ की सोच साकार हुई है. GST को और सरल बनाने के प्रयास जारी रहेंगे.

(5) Insolvency and Bankruptcy Code, देश के सबसे बड़े और प्रभावी आर्थिक सुधारों में से एक है. आर्थिक अपराध करके भाग जाने वालों पर नियंत्रण करने में ‘Fugitive and Economic Offenders Act’ उपयोगी सिद्ध हो रहा है.

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(6) ‘Direct Benefit Transfer’ की वजह से अब तक 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं. लगभग 8 करोड़ गलत लाभार्थियों के नाम हटा दिए गए हैं.

(7) सरकार हाईवे के साथ-साथ रेलवे, एयरवे और इनलैंड वॉटरवे के क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर काम कर रही है. ‘उड़ान योजना’ के तहत, देश के छोटे शहरों को, हवाई यातायात से जोड़ने का काम तेज़ी से चल रहा है.

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First published: June 20, 2019, 1:39 PM IST
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