Home /News /business /

सस्ते पेट्रोल-डीज़ल की तैयारी, 5 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स कटौती कर सकती है सरकार: रिपोर्ट

सस्ते पेट्रोल-डीज़ल की तैयारी, 5 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स कटौती कर सकती है सरकार: रिपोर्ट

 अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में इजाफा होने के बाद से घरेलू तेल कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में इजाफा होने के बाद से घरेलू तेल कंपनियां लगातार कीमतें बढ़ा रही हैं.

Petrol-Diesel Price: बैंक ऑफ अमेरिका (BoFA) ने कहा है कि केंद्र सरकार प्रति लीटर पेट्रोल-डीज़ल पर 5 रुपये तक टैक्स कटौती का ऐलान कर सकती है. इससे केंद्र सरकार के खजाने पर 71,760 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा. ​दिल्ली में ही पिछले एक महीने के दौरान पेट्रोल का भाव 5 रुपये से ज्यादा बढ़ चुका है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. आसमान छूती कीमतों के बीच आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ईंधन पर 5 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स कटौती कर सकती है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) का भाव 60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने का अनुमान है. बैंक ऑफ अमेरिका (BoFA) के एनालिस्ट्स ने यह कहा है. उन्होंने कहा कि हमने वित्त वर्ष 2022 के ​लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) का अनुमान 30 बेसिस प्वॉइंट बढ़ाकर GDP का 7.5 फीसदी कर दिया है. उम्मीद है कि तेल पर लगने वाले टैक्स में 5 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की जाएगी. प्रति लीटर पेट्रोल-डीज़ल पर 5 रुपये की कटौती से केंद्र सरकार पर 71,760 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ जाएगा.

    भारत में आयात होने वाले क्रूड का भाव करीब 62 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. पिछले साल दिसंबर मध्य में यह 50 डॉलर प्रति बैरल के करीब था. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की मांग में रिकवरी और ओपेक (OPEC) द्वारा उत्पादन में कटौती की वजह से कच्चे तेल के दाम में तेजी देखने को मिल रही है. वित्त वर्ष 2020- 2021 के पहले छह महीने में कच्चे तेल का भाव 19-44 डॉलर प्रति बैरल रहा था. इस दौरान भारत का क्रूड इम्पोर्ट बिल 57 फीसदी घटकर सालाना 22.5 अरब डॉलर पर आ गया था.

    बैंक ऑफ अमेरिका ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2022 के लिए हमने आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 9 फीसदी पर ही कायम रखा है. ईंधन की कीमतों पर लगने वाले टैक्स से खपत में इजाफा होगा. इस दौरान उच्च राजकोषीय घाटे की वजह से यील्ड पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी.’

    यह भी पढ़ें: क्या GST के दायरे में आएगा पेट्रोल-डीज़ल? अगर ऐसा हुआ तो कितनी कम होंगी कीमतें

    आरबीआई ने ओपन मार्केट ऑपरेशन का भी अनुमान बढ़ाया
    इस ब्रोकरेज फर्म ने भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ओपन मार्केट ऑपरेशन के अनुमान को भी 9 अरब डॉलर से बढ़ाकर 48 अरब डॉलर कर दिया है. उनका कहना है कि कच्चे तेल के आयात बढ़ने से चालू खाता घाटे में इजाफा होगा.

    एक महीने में 5.23 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल
    गुरुवार को राजधानी दिल्ली में प्रति लीटर का भाव 90.93 रुपये के साथ अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है. पिछले महीने की तुलना में इसमें 5.23 रुपये/लीटर का इजाफा हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में बढ़ोतरी की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने खुदरा ईंधन के भाव में लगातार इजाफा किया है.

    पेट्रोल-डीजल पर कितना और कैसे टैक्स वसूलती है सरकार
    वर्तमान में केंद्र सरकार प्रति लीटर पेट्रोल पर बेसिक एक्साइज, सरचार्ज, एग्री-इन्फ्रा सेस और रोड/इन्फ्रा सेस के नाम पर कुल 32.98 रुपये वसूलती है. डीज़ल के लिए यह 31.83 रुपये प्रति लीटर है.​ पिछले साल मार्च और मई में पेट्रोल पर 13 रुपये और डीज़ल पर 16 रुपये प्रति लीटर सरचार्ज बढ़ाया गया था.

    यह भी पढ़ें: अब WhatsApp से कर सकेंगे SIP, इंडेक्स फंड समेत कई में निवेश, इस नंबर पर करना होगा मैसेज

    हाल ही में लागू किए गए कृषि एवं इन्फ्रा सेस के असर को कम करने के​ लिए पेट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले सरचार्ज को 1 रुपये प्रति लीटर तक कम किया गया है. यह 01 फरवरी 2021 से लागू हुआ है. वर्तमान में बेसिक एक्साइज ड्यूटी प्रति लीटर पेट्रोल पर 1.4 रुपये और डीज़ल पर प्रति लीटर 1.8 रुपये पर है.

    Tags: Business news in hindi, Petrol diesel price, Petrol diesel prices

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर