प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 100 लाख करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 100 लाख करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India)

Independence Day 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 74वें स्वतंत्रता दिवस (74th Independence Day) के मौके पर लाल किले से अपने भाषण में कहा कि National Infrastructure Pipeline Project पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे.

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  • Last Updated: August 15, 2020, 9:10 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) ने अपने भाषण में कहा कि भारत को आधुनिकता की तरफ, तेज गति से ले जाने के लिए, देश के Overall Infrastructure Development को एक नई दिशा देने की जरूरत है. ये जरूरत National Infrastructure Pipeline Project से पूरी होगी. प्रधानमंत्री ने बताया कि इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स की पहचान भी की जा चुकी है. ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा.

क्या है National Infrastructure Pipeline Project - एक अनुमान के मुताबिक भारत को तेज आर्थिक वृद्धि दर के लिए साल 2030 तक इंफ्रास्ट्रक्चर (ढांचागत सुविधाओं) पर 4.5 लाख करोड़ डॉलर खर्च करने होंगे. नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के जरिए इस काम को अंजाम दिया जाएगा.






स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'एनआईपी से अर्थव्यवस्था को कई तरह से फायदा होगा. कारोबार का विस्तार बढ़ेगा. रोजगार के मौके बनेंगे. लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा. इससे इकनॉमिक ग्रोथ का असर कई स्तर पर दिखेगा. ढांचागत सुविधाओं पर खर्च बढ़ाने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी. सरकार को रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिलेगी. परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में कहा था कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर 102 लाख करोड़ रुपये खर्च करने से भारत को 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी. दरअसल, इतनी बड़ी रकम खर्च करने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. इससे अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी, रोजगार के मौके पैदा होंगे और सरकार का राजस्व बढ़ेगा.

सीतारमण ने कहा कि जिन प्रोजेक्ट की पहचान की गई है, उनका नाता पावर, रेलवे, शहरी सिंचाई, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टरों से है. एनर्जी से जुड़े करीब 25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार है. इसके अलावा सड़कों से जुड़े 20 लाख करोड़ रुपये और रेलवे से जुड़े 14 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार है.
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