मोदी सरकार का किसानों को एक और तोहफा! अब कुसुम योजना में होगा बदलाव

CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार कुसुम योजना के तहत ज्यादा से ज़्यादा किसानों को इसका फायदा मिले इसीलिए इसमें बदलाव करने जा रही है.

News18Hindi
Updated: June 12, 2019, 11:24 AM IST
मोदी सरकार का किसानों को एक और तोहफा! अब कुसुम योजना में होगा बदलाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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Updated: June 12, 2019, 11:24 AM IST
किसानों की आय को दुगना करने के लक्ष्य की ओर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सराकर कुसुम योजना के तहत ज्यादा से ज़्यादा किसानों को इसका फायदा मिले इसीलिए इसमें बदलाव करने जा रही है.ऊर्जा मंत्रालय सोलर सेल्स और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर के लिए कैपिटल सब्सिडी स्कीम ला रही है.इस स्कीम में मैन्युफैक्चरर को कुल लागत का 30 फीसदी कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी. आपको बता दें कि कुसुम (KUSUM) योजना के तहत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप मुहैया कराया जाएगा. कुसुम योजना का ऐलान केंद्र सरकार के आम बजट 2018-19 में किया गया था. आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुसुम योजना की घोषणा की थी. मोदी सरकार ने किसान उर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान कुसुम (KUSUM) योजना बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों को ध्यान में रख शुरू की गई है.

अब क्या होगा- सूत्रों की मानें तो इसको लेकर वित्त मंत्रालय ने 10 हजार करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दे दी है. सोलर पंप के जरिए सिंचाई करने वाले किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. सोलर मॉड्यूल यूनिट के लिए 30 फीसदी तक सरकार सब्सिडी देगी.





बिजली मंत्री आरके सिंह ने हाल में कहा है कि किसानों की बेहतरी से जुड़ी सौर ऊर्जा उत्पादन पर आधारित कुसुम योजना इस साल जुलाई तक शुरू की जाएगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने तथा सौर ऊर्जा उत्पादन में मदद मिलेगी. (ये भी पढ़ें-फर्जी किसान सावधान! PM किसान निधि स्कीम का लिया गलत फायदा, वापस करने होंगे पैसे)

कुसुम योजना से दो फायदे
केंद्र सरकार की कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी. एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी. अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह उसका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकता है. इससे उन्हें बंजर जमीन से भी आमदनी होने लगेगी.


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बिजली की होगी बचत
सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंप में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा. कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी. इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.

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कुसुम योजना की मुख्य बातें
>> सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा.
>> केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी.
>> सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाये जाएंगे.
>> कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30% रकम देंगे.
>> सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.

कुसुम योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट https://mnre.gov.in/# पर जा सकते हैं.
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