20 लाख करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज, जानिए किसानों और नौकरीपेशा के लिए कैसे होगा खास

20 लाख करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज, जानिए किसानों और नौकरीपेशा के लिए कैसे होगा खास
देश में हो गए सवा सात करोड़ केसीसी धारक

ये 20 लाख करोड़ सूक्ष्म, लघु, मंझोले, उद्योग यानी MSME के लिए हैं. ये पैकेज उस श्रमिक, किसान के लिए है जो हर हालात, हर मौसम में दिन रात देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहे हैं, ये ईमानदारी से टैक्स भरने वाले मध्यम वर्गीय लोगों के लिए है, उद्योग जगत के लिए है.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) ने देश की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को पटरी पर लाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज (Biggest Economis Package) का ऐलान किया है. ये 20 लाख करोड़ सूक्ष्म, लघु, मंझोले, उद्योग यानी MSME के लिए हैं. ये पैकेज उस श्रमिक, किसान के लिए है जो हर हालात, हर मौसम में दिन रात देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहे हैं, ये ईमानदारी से टैक्स भरने वाले मध्यम वर्गीय लोगों के लिए है, उद्योग जगत के लिए है.

बुधवार को होंगी राहत पैकेज के विस्तार से जुड़ी सभी घोषणाएं- पीएम मोदी ने कहा कि 13 मई से वित्त मंत्री इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी देंगी. इस पैकेज के साथ अब देश का आगे बढ़ना अनिवार्य है. पीएम मोदी ने कहा, 'हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थीं, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे, और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब-करीब 20 लाख करोड़ रुपए का है. ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है. इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा.'

(1) किसानों के लिए क्या होगा खास- पीएम ने कहा, 'पिछले 6 साल में जो रिफॉर्म हुए, उनके चलते आज भारत की अर्थव्यवस्था अधिक सक्षम व समर्थ बनी है. रिफॉर्म्स के दायरे को व्यापक करते हुए नई हाइट पर ले जाना है. ये रिफॉर्म खेती से भी जुड़े होंगे ताकि किसान सशक्त हो और भविष्य में कोरोना संकट जैसे किसी अन्य आपदा में खेती के कामकाजों पर कम असर हो. समय की मांग है कि भारत हर स्पर्धा में जीते, ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी भूमिका निभाए. इसे देखते हुए आर्थिक पैकेज में कई प्रावधान हैं.



एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार, पीएम किसान सम्मान योजना के विस्तार पर फैसला हो सकता है. इसके अलावा किसानों की आमदनी बढ़ाने को लेकर भी ऐलान होने की उम्मीद है.
(2) छोटे उद्योगों के लिए आ सकती है सौगात- आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में Land, Labour, Liquidity और Laws, सभी पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है. जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है. ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है.

(3) नौकरी पेशा के लिए भी हो सकती है बड़ी घोषणा-  ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है.

(4) इंफ्रास्ट्रक्चर पर इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा- राहत पैकेज में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ेगा. लिहाजा देश में विदेशी कंपनियां भी तेजी से निवेश कर सकती है.

(5) सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे- पीएम ने कहा कि हमारे पास साधन, सामर्थ्य है, बेस्ट टैलेंट है. हम बेस्ट प्रॉडक्ट बनाएंगे, क्वालिटी बेहतर करेंगे, सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे. हम ऐसा कर सकते हैं और जरूर करेंगे.

पीएम ने कच्छ भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि भूकंप में कच्छ पूरी तरह तबाह हो गया था लेकिन कच्छ फिर बढ़ चला. यही भारतीयों की क्वालिटी है. ठान लें तो कोई राह मुश्किल नहीं. आज चाह भी है राह भी है. यह है भारत को आत्मनिर्भर बनाना. भारत की संकल्प शक्ति ऐसी है कि हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे विदेशी कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा सकती है. लिहाजा भारत में नौकरियों के अवसर बनेंगे.

आत्मनिर्भर भारत की भव्य इमारत 5 खंभों इकोनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था, डेमोग्राफी, डिमांड पर खड़ी है. डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है. सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे.

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