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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- देशहित के लिए लोगों की नाराज़गी और गुस्सा झेलना पड़ता है

News18Hindi
Updated: December 20, 2019, 1:18 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग मंडल एसोचैम की सालाना आम सभा को संबोधित करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को फिर से दोहराया है.

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  • Last Updated: December 20, 2019, 1:18 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister of India) ने उद्योग मंडल एसोचैम (एसोसिएशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) की सालाना आम सभा को संबोधित करते हुए देश की अर्थव्यवस्था को 5 लाख करोड़ डॉलर (India Become 5 Trillion Dollar Economy) तक पहुंचाने के लक्ष्य को फिर से दोहराया है. साथ ही, उन्होंने कहा देश के लिए काम करने में काफी गुस्सा झेलना पड़ता है, कई लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ती है इसके अलावा कई आरोपों से गुजरना पड़ता है. आपको बता दें कि एसोचैम (ASSOCHAM) की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आज '100 इयर्स ऑफ एसोचैम’ नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मंत्रिमंडल के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं. इनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India), वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी, टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं.

आज की सरकार सबकी सुनती है- प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हर वर्ग की बात सुनती है. उन्होंने कहा, 'आज देश में वह सरकार है जो किसान की भी सुनती है, मजदूर की भी सुनती है, व्यापारी की भी सुनती है, उद्योग जगत की भी सुनती है. उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास करती है और उनके सुझावों पर काम करती है.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की बात अचानक नहीं आई है. बीते 5 साल में देश ने खुद को इतना मजबूत किया है कि ऐसे लक्ष्य रखे भी जा सकते हैं और उन्हें प्राप्त भी किया जा सकता है.

>> पीएम ने कहा कि हमने अर्थव्यवस्था के ज्यादातर आयामों को आसान करने के लिए व्यवस्था में लाने का प्रयास किया है. इसके साथ ही हम अर्थव्यवस्था को आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए मॉर्डनाइज और स्पीडअप करने की दिशा में भी आगे बढ़े हैं.

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>> उन्होंने कहा- 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य जब मैंने सार्वजनिक रूप से कहा तो मुझे पता था कि सुगबुगाहट शुरू हो जाएगी, ऐसा भी कहा जाएगा कि भारत ऐसा नहीं कर सकता है. लेकिन आजकल अर्थव्यवस्था को गति देने वाले सभी समूह 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा तो करते हैं.

अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार कदम उठाए- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 5-6 साल पहले अर्थव्यवस्था विनाश की तरफ जा रही थी. हमारी सरकार ने न सिर्फ अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी है, बल्कि इसे अनुशासित करने की दिशा में भी कई प्रयास किए हैं. हमने इंडस्ट्री की दशकों पुरानी मांग को पूरा करने पर ध्यान दिया है.इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में हो रहा है तेजी से सुधार- भारत आज दुनिया के उन टॉप-10 देशों में शामिल है, जिसने इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में लगातार सबसे अच्छा सुधार किया है. क्या उद्योग जगत नहीं चाहता था कि देश में टैक्स का जाल कम हो. हर राज्य में अलग- अलग दरों की परेशानी से उसे मुक्ति मिले. हम जीएसटी लाए. व्यापार जगत से जो भी फीडबैक मिला, हम जीएसटी में आवश्यक चीजें जोड़ते रहे. उसमें जरूरी परिवर्तन करते रहे.

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'100 साल के इतिहास में इतना कम टैक्स कभी नहीं रहा'- पीएम मोदी ने कहा, 'कॉर्पोरेट टैक्स कम करने, उसका प्रोसेस आसान करने को लेकर भी बरसों से देश में तमाम चर्चाएं होती थीं. देश में जितना कॉर्पोरेट टैक्स आज है, 100 साल के इतिहास में इतना कम टैक्स कभी नहीं रहा. ये काम भी हमारी सरकार ने किया है.'

>> यह सुधार हम अकेले नहीं करते बल्कि दुनिया के सभी देश ऐसा करते है. छोटे देशों में तो यह आसान होता है और हमें हमेशा प्रतिस्पर्धा में बना रहना होता है. कंपनी एक्ट में सैकड़ों ऐसे प्रावधान थे जिसमें छोटी-छोटी गलती के लिए क्रिमिनल सजा थी जिसे हमने खत्म कर दिया. इसलिए हमें सुनना होता है कि हम आपके एजेंट है. जबकि हम 130 करोड़ लोगों के एजेंट हैं.

>> इसी तरह हमारी सरकार इनवर्टेड ड्यूटी खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है. इससे मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट को कम किया जा सकता है. अब इनकम टैक्स में ह्यूमन इंटरफेस नहीं होगा. जिसने अपने बल पर काम किया है उसे फायदा होगा.

>> आज मुंबई जिसे पोस्टिंग मिलती है तो वो पार्टी देता है और छोटी जगह पोस्टिंग पर लोग उससे पूछते हैं कि पनिशमेंट पोस्टिंग क्यो मिली. लेकिन अब हम ह्यूमन इंटरफेस के बिना काम करेंगे जिससे सबको फायदा होगा. कॉरपोरेट टैक्स आज सबसे कम है.

13 बैंक फिर से मुनाफे में लौटे- उन्होंने कहा, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की वजह से अब 13 बैंक मुनाफे में वापस आ चुके हैं. 6 बैंक PCA (prompt corrective action) से भी बाहर निकल चुके हैं. हमने बैंकों का एकीकरण भी तेज किया है. बैंक अब अपना देशव्यापी नेटवर्क बढ़ा रहे हैं और अपनी ग्लोबल पहुंच कायम करने की ओर अग्रसर हैं.

>> हमने बैंकों के मर्जर को तेज किया है. अब बैंक को सरकार के दखल से बाहर किया है. अब फोन बैंकिंग का काम नहीं होता. बैंकिंग में ऑटोनॉमी दी गई. सारी असफलता आर्थिक अपराध की वजह से हो ऐसा नहीं है. और मैं ऐसी चीजों से सहमत नहीं हूं.

>> असफलता को अपराध मान लेंगे तो चुनौती का कोई सामना नहीं कर सकता. दुनिया वहीं संभाल सकते है जिनकी रिस्क टेकिंग ज्यादा होती है. कंपनी को चलाने वाले को बेहतर एग्जिट बने इसके लिए सरकार काम कर रही है.

>> सामान्य मजदूर का भला हुए बिना हम 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी नहीं बना सकते है. इसलिए लेबर यूनियन से जितना हमने बातचीत की उतनी किसी ने नहीं की. हमने लेबर कानून में ऐसे कई काम किये हैं जो आज की ज़रूरत हैं.

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First published: December 20, 2019, 11:50 AM IST
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