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बजट को लेकर RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने दिया सुझाव, कही ये बातें

आरबीआई के पूर्व गवर्नर और अर्थशास्त्री रघुराम राजन
आरबीआई के पूर्व गवर्नर और अर्थशास्त्री रघुराम राजन

रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने कहा कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के बजट में गरीब परिवारों और छोटे तथा मझोले उद्यमों को राहत देनी चाहिए

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नई दिल्ली. आरबीआई (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) का कहना है कि सरकार को भारतीय इक्विटी बाजारों के उच्चतम स्तर पर होने का लाभ उठाते हुए पीएसयू (PSU) में हिस्सेदारी बेचना चाहिए और खर्च की प्राथमिकता इस तरह तय करनी चाहिए कि इकोनॉमी (Economy) फिर पटरी पर लौटे.

खर्च की प्राथमिकता तय करें
ईटी नाऊ से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के बजट में गरीब परिवारों और छोटे तथा मझोले उद्यमों को राहत देनी चाहिए और इसके बाद इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बताया, ''सरकार को खर्च की प्राथमिकता तय करनी होगी, जैसे गरीब परिवारों और छोटे कारोबारियों को राहत पहुंचाई जाए.''

बुनियादी ढांचे पर बढ़ाना चाहिए खर्च
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह इकोनॉमी को पटरी पर लाने का सबसे अच्छा तरीका है. उन्होंने कहा कि चूंकि राज्यों का ज्यादातर खर्च इसी तरह का है, इसलिए उन्हें अधिक धन मिलना चाहिए.



PSU को बेचें
राजन ने कहा कि खर्च बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू) को बेचकर मिल सकते हैं. उन्होंने कहा कि पीएसयू की संपत्ति को बेचकर आमदनी और खर्च के बीच अंतर को कम किया जा सकता है.

बहुत ऊंची वृद्धि दर हासिल करनी होगी
इकोनॉमी के हालात पर उन्होंने कहा कि विश्व बैंक का अनुमान है कि हमें 900 अरब डालर के सकल घरेलू उत्पाद का नुकसान हुआ है. मुझे नहीं पता कि ये अनुमान कितने सही हैं. लेकिन एक तिहाई जीडीपी! हमें महामरी से पहले की जगह पर पहुंचने में कितना समय लगेगा. राजन ने यह भी कहा कि भारत महामारी के स्तर पर 2022 के आखिर तक शायद ही पहुंच सके. उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई के लिए हमें बहुत ऊंची वृद्धि दर हासिल करनी होगी.
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