सरकारी ई-वाणिज्य पोर्टल से सामान खरीदेगी सरकार, होगी 50 हजार करोड़ की बचत

घंटों कंप्यूटर पर समय बिताने वालो की उंगलियां सुबह से शाम तक की-बोर्ड और माउस पर ही टिकी रहती हैं. लेकिन, शायद आपको पता नहीं होगा कि की-बोर्ड के महज कुछ शार्टकट्स को जानने के बाद आपका काम बहुत आसान हो जाएगा...

घंटों कंप्यूटर पर समय बिताने वालो की उंगलियां सुबह से शाम तक की-बोर्ड और माउस पर ही टिकी रहती हैं. लेकिन, शायद आपको पता नहीं होगा कि की-बोर्ड के महज कुछ शार्टकट्स को जानने के बाद आपका काम बहुत आसान हो जाएगा...

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गुड्स और सर्विसेज की खरीद के मामले में केंद्र सरकार और पारदर्शी तरीके अपनाने जा रही है. अभी तक इनकी खरीद विभिन्‍न माध्‍यमों से की जाती थी, जिससे इस प्रक्रिया में घालमेल के भी आरोप लगते रहते हैं. सरकार ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अब सरकारी ई-वाणिज्य पोर्टल (जीईएम) से इनकी खरीद का फैसला किया है. गौरतलब है कि सरकारी विभाग हर साल 5 लाख करोड़ रुपए के गुड्स और सर्विसेज की खरीद करता है. जीईएम से खरीद पर सरकार को 50 हजार करोड़ से अधिक यानी पूरी रकम के 10 फीसदी से भी अधिक की बचत हो सकती है.



केंद्र और राज्‍य दोनों करते हैं खरीद

केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों द्वारा माल एवं सेवाओं की पूरे साल खरीद की जाती है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  ने कहा है कि सरकारी ई-वाणिज्य पोर्टल (जीईएम) से खरीद करने पर करदाताओं के पैसे बचेंगे और उन पैसों का उपयोग विकास और लोककल्‍याकारी कार्यों में होगा.



5 लाख करोड़ की होती है खरीद
सीमारमण ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें हर साल 5 लाख करोड़ से अधिक माल एवं सेवाओं की खरीद करते हैं। उन्‍होंने कहा कि यदि सरकार की माल एवं सेवाओं की खरीद पर इतनी बड़ी मात्रा में करदाताओं के पैसे खर्च किए जा रहे हैं तो फिर एक खुली और पारदर्शी प्रक्रिया की आवश्यकता है और इसलिए जीईएम जैसे मंच को लाया जाना नितांत आवश्यक है।





10 फीसदी रकम बचाना है संभव

सीतारमण ने कहा कि यदि हम इस पारदर्शिता के चलते 5 लाख करोड़ का मात्र 10% भी बचा लेते हैं तो यह सरकारी खजाने के लिए एक बड़ी बचत होगी। हालांकि माना जा रहा है कि सरकार को 10 फीसदी से अधिक की बचत हो सकती है.



 
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