एफडी कराने वालों के लिए बड़ी खबर! अगर नहीं जमा किया ये पेपर तो बैंक काट लेगा टैक्स

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अगर आपके देश के किसी भी सरकारी या फिर प्राइवेट बैंक में एफडी (FD-Fixed Deposit) कराई है तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि एक फॉर्म अगर आपने जमा नहीं किया तो बैंक आपके मुनाफे पर टैक्स काट लेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2020, 1:08 PM IST
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नई दिल्ली. बैंक में या फिर आपने पोस्ट ऑफिस में एफडी (Fixed Deposit) कराई है तो आपको फटाफट 15G और 15H फॉर्म जमा (TDS) कर देना चाहिए वरना आपके मुनाफे (ब्याज से आमदनी) पर TDS काट लिया जाएगा. हालांकि, कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) के कारण जारी लॉकडाउन (Lockdown) को देखते हुए CBDT ने फॉर्म 15G और फॉर्म 15H भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 जून, 2020 कर दी है. इन दोनों फॉर्म को टैक्सेशन से बचने के लिए वैसे टैक्सपेयर्स भरते हैं, जो टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं.

क्यों जरूरी ये फॉर्म जमा करना- जब किसी फाइनेंशियल ईयर में  एफडी पर ब्याज से होने वाली आमदनी एक निश्चित सीमा को पार कर जाती है तो बैंकों को टीडीएस (स्रोत पर कर में कटौती) करना अनिवार्य होता है. इसीलिए जमाकर्ता को फॉर्म 15G या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) यह बताने के लिए स्व-घोषणा पत्र देता होता हैं और उसमें बताना होता है कि उनकी आय टैक्स योग्य सीमा से कम है. खाता धारकों द्वारा फॉर्म 15G और फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) यह सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है कि उनकी आय पर टीडीएस नहीं काटा जाता है.

फॉर्म 15G या 15H जमा कर आप ब्याज या किराये जैसी आमदनी पर TDS से बच सकते हैं. इन फॉर्म को बैंक, कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने वाली कंपनियों, पोस्ट ऑफिस या किराएदार इत्यादि को देना पड़ता है.



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फॉर्म 15G का इस्तेमाल 60 साल से कम उम्र के भारतीय नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार यानी HUF या ट्रस्ट कर सकते हैं. इसी तरह फॉर्म 15H 60 साल से ज्यादा की उम्र के भारतीय नागरिकों के लिए होता है. 15G और 15H की वैधता केवल एक साल के लिए होती है. इन्हें हर साल जमा करने की जरूरत पड़ती है.

अगर टैक्स कट जाए तो कैसे पाए पैसे वापस-फॉर्म 15G या 15H के जमा करने में विलंब के कारण काटे गए अतिरिक्त TDS का रिफंड केवल इनकम टैक्स रिफंड फाइल कर ही लिया जा सकता है.

30 जून तक जमा कर सकते है फॉर्म- सीबीडीटी ने कहा, 'कोविड-19 वायरस महामारी के कारण बैंकों सहित तमाम सेक्टर्स का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है. ऐसी हालत में कई लोगों को समय पर फॉर्म 15जी तथा फॉर्म 15एच भरने में परेशानी हो सकती है.'

अगर ऐसा होता है तो टैक्स की देनदारी न होने के बावजूद उनका टीडीएस कट सकता है. सीबीडीटी ने कहा, 'इस परेशानी को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है और अगर कोई व्यक्ति वित्त वर्ष 2019-20 के लिए बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों में फॉर्म 15जी तथा फॉर्म 15एच जमा करता है तो ये फॉर्म 30 जून, 2020 तक मान्य होंगे.'

SBI खाताधारक ऑनलाइन अपने खातों में लॉग इन कर सकते हैं और ई-सेवाओं के तहत फॉर्म जमा कर सकते हैं.

>> ग्राहक  'ई-सेवाएं', '15G / H' विकल्प चुनें.

>> अब, फॉर्म 15G या फॉर्म 15H चुनें

>> इसके बाद Customer Information File (CIF) No पर क्लिक करें और सबमिट कर दें.

>>Submit'button पर क्लिक करने के बाद, यह आपको एक पेज पर ले जाएगा, जिसमें कुछ पहले से भरी हुई जानकारी होगी. इसके बाद अन्य जानकारी भरें.

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