आपका भी PPF अकाउंट हो गया है इनएक्टिव तो ऐसे करें चालू, जानिए पूरा प्रोसेस

इनएक्टिव हो चुके पीपीएफ अकाउंट को भी रिवाइव किया जा सकता है.

इनएक्टिव हो चुके पीपीएफ अकाउंट को भी रिवाइव किया जा सकता है.

Activate PPF Account: लंबी अवधि में बचत के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड को सबसे पॉपुलर इन्वेस्टमेंट टूल माना जाता है. पीपीएफ अकाउंट पर सरकारी गारंटी के साथ लोन लेने की भी सुविधा मिलती है. अगर​ किसी व्यक्ति का पीपीएफ अकाउंट इनएक्टिव हो गया है तो इसे रिवाइव भी कराया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 5:50 AM IST
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नई दिल्ली. भारत में सबसे पॉपुलर इन्वेस्टमेंट टूल में से एक पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) है. आमतौर पर लंबी अवधि में बचत के ​लिए लोग PPF का ही विकल्प चुनते हैं. PPF में 15 साल के लिए निवेश किया जा सकता है. इसके बाद इसे 5-5 साल की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है. पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) को ​एक्टिव रखने के लिए एक वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये का डिपॉजिट करना अनिवार्य है. जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में कई बार ऐसा होता है कि लोग पीपीएफ अकाउंट में मिनिमम रकम तक नहीं डिपॉजिट नहीं कर पाते हैं. इसके बाद यह अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है.

PPF अकांउट पर इनकम टैक्स छूट का लाभ

PPF केंद्र सरकार की एक स्कीम है. यही कारण है कि इसमें ​बेहतर​ रिटर्न के साथ कम जोखिम की गारंटी भी मिलती है. PPF अकाउंटहोल्डर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर सकता है. साथ ही उन्हें इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का भी लाभ मिलता है.

अकाउंट इनएक्टिव होने के बाद भी मिलता है ब्याज
PPF अकाउंट की एक खास बात यह है अकाउंटाहेल्डर द्वारा डिपॉजिट फेल होने के बाद जब यह इन​एक्टिव हो जाता है, तब भी इसमें ब्याज जुड़ता रहता है. ऐसे में अगर किसी PPF अकाउंटहोल्डर का अकाउंट इ​नएक्टिव हो जाता है तो भी उन्हें ब्याज का लाभ मिलता रहेगा. हालांकि, उन्हें लोन समेत कई अन्य लाभ नहीं मिल सकेगा. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर कैसे इनएक्टिव PPF अकाउंट को रिवाइव किया जा सकता है.

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1. इनएक्टिव पीपीएफ अकाउंट को रिवाइव करने के लिए सबसे पहले आपको वहां एक लेटर लिखना होगा, जहां आपने अपना अकाउंट खुलवाया है. अकाउंट होल्डर यह रिक्वेस्ट लेटर उस बैंक या पोस्ट ऑफिस के ब्रांच को लिख सकता हैं, जहां उन्होंने पीपीएफ अकाउंट खुलवाया हुआ है. साथ ही आपको यह भी ध्यान देना होगा कि पहली बार अकाउंट खुलवाने के 15 साल के अंदर ही इसे एक्टिवेट किया जा सकता है.



2. इसके बाद डिपॉजिटर को अपने अकाउंट में नॉन-पेमेंट्स पेनाल्टी के साथ-साथ ​कम से कम मिनिमम डिपॉजिट अकाउंट जमा करना होगा. जितने वित्तीय वर्ष के लिए यह अकाउंट इनएक्टिव रहा है, उतने वित्तीय वर्ष के लिए कम से कम 500 रुपये का डिपॉजिट करना होगा. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए 50 रुपये की पेनाल्टी भी देनी होगी. संबंधित ब्रांच में एक लिखित एप्लीकेशन के साथ एक चेक सबमिट करना होगा.

3. बैंक या पोस्ट ऑफिस ब्रांच में ​लिखित एप्लीकेशन सबमिट करने के बाद यह पता किया जाएगा कि क्या अकाउंट खुलने के 15 साल की अवधि से पहले यह इन​एक्टिव किया जा रहा है या नहीं. पेनाल्टी व बचे डिपॉजिट जमा करने के बाद इस अकाउंट को रिएक्टिव कर दिया जाएगा.

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इस बात का भी रखें ध्यान

आपको इस बात का ध्यान देना होगा कि 15 साल अवधि खत्म हो गई है तो PPF अकाउंट को रिवाइव नहीं किया जा सकेगा. हालांकि, अकाउंटहोल्डर पेनाल्टी जमा करने के बाद अब तक इस अकाउंट में पड़े मैच्योरिटी रकम निकालने के​ लिए जरूरी प्रक्रिया अपना सकता है. मैच्योरिटी रकम निकालने के लिए भी प्रति वित्तीय वर्ष के आधार पर 50 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी.
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