आपको बेहतर बैंकिंग सुविधा देने के लिए सरकारी बैंकों की पहल, बनाने जा रहे नई कंपनी

सरकारी बैंकों ने वित्त सेवा विभाग के सचिव के साथ बैठक भी की है.

डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना अब सरकारी बैंकों के लिए बेहद जरूरी हो गया है. इसी के लिए सरकारी बैंक अब एक साथ मिलकर​ डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं. इसके लिए एक आंतरिक कमेटी का भी गठन ​किया जा चुका है.

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    नई दिल्ली. पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) एक नई कंपनी बनाने की तैयारी कर रहे हैं जो उनके लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार करे. नई कंपनी की मदद से ये सरकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा प्रदान कर सकेंगे. ये बैंक इसके लिए ​रिसोर्स जुटा रहे हैं ताकि डिजिटल बैंकिंग ​इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन को तैयार किया जाए. नई कंपनी इन बैंकों को फिनटेक कंपनियों के साथ टाइअप और डोरस्टेप बैंकिंग सॉफ्टवेयर को तैयार करने में मदद करेगी. पिछले सप्ताह ही वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) के सचिव के साथ इस आइडिया को लेकर बैठक भी हुई है. इस पहल पर काम करने के लिए इंडियन बैंक एसोसिएशन के तहत एक अंता​रिक कमेटी का भी गठन किया गया है. बिज़नेस अख़बार मिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है.

    दरअसल, कोरोना वायरस महामारी ने लोगों को नये तरीके से बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने पर मजबूर किया है. नये दौर के डिजिटल व डोरस्टेप बैंकिंग ने बैंकों के प्रति लोगों के व्यवहार में बड़ा ​बदलाव किया है. माना जा रहा है कि बैंकिंग सेवाओं को लेकर यह स्थिति आगे भी जरी रहेगी. बहुत कम लोग बैंक ब्रांच जाना चाहेंगे.

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    डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में बड़ा निवेश कर रहे हैं बैंक
    इस रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि आज के समय में सभी बैंकिंग डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स को अपना रहे हैं. हर बैंक इस दिशा में निवेश कर रहा है. उनके निवेश की साइज बहुत बड़ी है, जो सभी बैंकों के लिए मुमकिन भी नहीं है. हालांकि, किसी बड़े सरकारी बैंक की अगुवाई में या पीएसबी अलायंस के तहत यह काम किया जा सकता है. इसके जरिए लोन प्रोडक्ट्स मुहैया कराने से लेकर आईटी पहल के लिए भी एक यूनिफॉर्म प्लेटफॉर्म उपलब्ध हो सकेगा.

    डिजिटल बैंकिंग सविर्सेज की दिशा में सर्विस प्रोवाइडर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए सरकारी बैंक एक रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोज़ल यानी आरएफपी जारी करने पर विचार कर रहे हैं. संभव है कि सॉफ्टवेयर शेयर करने के अलावा ये सरकारी बैंक उन हार्डवेयर को भी शेयर कर सकते हैं जो बैंकों के बैक ऑफिस व सर्वर्स में इस्तेमाल किया जाता है.

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    बता दें कि वर्तमान में भी पीएसबी अलायंस के तहत इन्फ्रास्ट्रकचर शेयर करते हैं. इसके तहत 12 बैंकों ने एक पहल के तहत समझौत किया है. इसमें यूको बैंक की भूमिका अगुवाई वाली है जो दो टेक्नोलॉजी कंपनियों की मदद बैंकिंग सर्विस मुहैया कराता है.

    ध्यान देने योग्य है कि कोरोना वायरस के दौर में बैंकों ने अपने सर्विसेज के लिए डिजिटाजेशन का सहारा लिया. डिजिटल अकाउंट खोलना भी इन्हीं में से एक था. इस पहल के तहत बैंक ​वीडियो केवाईसी के जरिए बैंक अकाउंट खोलने की सुविधा दे रहे थे.