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खुशखबरी! सस्ती हो गईं दालें, जानें कितने गिरे उड़द, चना और अरहर के भाव?

सस्ती हो गईं दालें

सस्ती हो गईं दालें

सबसे ज्यादा गिरावट उड़द और चने की दाल (Chana prices) की कीमतों में देखने को मिली है. अप्रैल महीने में चने दाल की कीमतों में रिकॉर्ड लेवल से 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

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    नई दिल्ली: आम जनता के लिए राहत की खबर है. लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच दालों की कीमतों (Price of pulses) में गिरावट देखने को मिली है. सबसे ज्यादा गिरावट उड़द और चने की दाल (Chana prices) की कीमतों में देखने को मिली है. अप्रैल महीने में चने दाल की कीमतों में रिकॉर्ड लेवल से 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा उड़द (काली मटके) (urad price) की कीमतों में 20 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.

    आपको बता दें कोरोना महामारी में मांग में कमी आने की वजह से दालों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. हाजिर चना की कीमतें एमएसपी के स्तर पर 5,100 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे आ गई हैं. मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाजारों में मॉडल की कीमतें (Modal prices) वर्तमान में 4,600 रुपये और 4,900 रुपये के बीच हैं.

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    सूत्रों के मुताबिक, निकट अवधि में चने की कीमतों पर दबाव बने रहने की संभावना है और कोविड की तीसरी लहर की संभावित गिरावट और त्योहारी सीजन से पहले मांग से कीमतों में और तेजी आने की संभावना है.

    नाफेड भी कर रहा बिक्री
    भारतीय दलहन और अनाज संघ के अध्यक्ष जीतू भेड़ा ने कहा, कोविड के कारण मांग में गिरावट के अलावा, नाफेड ने स्थानीय बाजार में चना बेचना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों ने बाजार में खलबली मचा दी है.

    इंदौर में ऑल इंडिया दाल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि कोरोनावायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन के उपायों के कारण खपत प्रभावित हुई है. “इस समय कीमतें 5,000 रुपये के आसपास मंडरा रही हैं और आगे नीचे जाने की संभावना नहीं है क्योंकि अगली फसल आने में अभी बहुत समय है. कोरोनवायरस के फैलने के डर और सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण चने की खपत में वृद्धि देखने की संभावना नहीं है.

    अरहर और मूंग की कीमतों में भी नरमी
    आगे उन्होंने कहा कि अरहर और मूंग जैसी अन्य दालों की कीमतों में भी नरमी आई है. इसके अलावा अग्रवाल ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के आधार पर चना बाजार में सुधार हो सकता है. वायदा बाजार में पिछले कुछ सत्रों में चना कमजोर हुआ है.

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    आखिर क्यों आई उड़द की कीमतों में गिरावट?
    15 मई से उड़द (काली मटके) की कीमतों में भी 20 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है. चेन्नई के एक दाल आयातक ने कहा, "जब केंद्र ने घोषणा की कि खुले सामान्य लाइसेंस के तहत दालों के आयात की अनुमति दी जाएगी, तो चेन्नई में उड़द की कीमतें 86,000 रुपये से तुरंत 12,000 रुपये प्रति टन गिर गईं."

    वर्तमान में, महानगर में उड़द की कीमत 67,000 रुपये प्रति टन है. आयातक ने कहा, "बिना किसी प्रतिबंध के दालों के आयात की अनुमति देने के केंद्र के फैसले के कारण सभी उड़द व्यापारियों और स्टॉकिस्टों पर भारी गिरावट आई है."

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